Kolkata Accident: सीएम सुवेंदु अधिकारी ने 'अयान ट्रेडर्स' को किया ब्लैकलिस्ट, हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत

Kolkata News: कोलकाता के तारातला में गोदाम की छत गिरने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत। सरकार ने निर्माण कंपनी 'अयान ट्रेडर्स' और आर्किटेक्ट को किया ब्लैकलिस्ट, SIT जांच जारी।
Kolkata Accident: CM Suvendu Adhikari blacklists Ayan Traders, 15 people have died in the accident so far.
सुवेंदु अधिकारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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CM Suvendu Adhikari Action On Kolkata Accident: कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या शुक्रवार सुबह तक बढ़कर 15 हो गई है। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्माण कंपनी 'अयान ट्रेडर्स' और संबंधित आर्किटेक्ट को ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती जांच में निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसमें घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और गलत कास्टिंग पैटर्न को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि निर्माण कार्य की निगरानी में भी भारी चूक हुई है। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) मामले की जांच कर रही है, जबकि मजदूरों की सही संख्या का पता लगाने में अधिकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि साइट पर श्रमिकों का कोई उपस्थिति रजिस्टर नहीं रखा गया था। सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

'अयान ट्रेडर्स' और आर्किटेक्ट पर सरकार की बड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, "कंस्ट्रक्शन कंपनी 'अयान ट्रेडर्स' की तरफ से निगरानी में कमी थी। इस मामले में स्ट्रक्चर के आर्किटेक्ट भी अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। इसीलिए कंस्ट्रक्शन कंपनी और स्ट्रक्चर के आर्किटेक्ट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।" जानकारी सामने आने के बाद पता चला है कि शंभूनाथ बेहरा नाम के एक व्यक्ति ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट अथॉरिटी से 30 साल की लीज पर जमीन ली थी, ताकि वहां तीन मंजिला गोदाम बनाया जा सके। बेहरा ने कंस्ट्रक्शन का काम 'अयान ट्रेडर्स' को दिया, जो पोर्ट एरिया में कई कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट संभाल रही थी।

एसआईटी कर रही पूरे मामले की जांच

बुधवार को तारातला में बन रहे गोदाम की छत गिरने के मामले में कोलकाता पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की शुरुआती जांच से पता चला है कि दो वजहों से यह हादसा हुआ। खराब क्वालिटी का कंस्ट्रक्शन मटीरियल इस्तेमाल करना और गलत कास्टिंग पैटर्न अपनाना। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है।

मजदूरों का रिकॉर्ड नहीं मिलने से जांच में बढ़ी मुश्किलें

कोलकाता पुलिस ने कहा कि वे तारातला में बन रहे गोदाम की साइट पर हादसे के समय मौजूद मजदूरों की सही संख्या का पता नहीं लगा पाए, क्योंकि मैनेजरों ने कोई अटेंडेंस रिकॉर्ड नहीं रखा था। पुलिस के मुताबिक, गोदाम में मजदूरों का कोई रजिस्टर नहीं था और इसलिए मलबे के नीचे कितने लोग अभी फंसे हो सकते हैं, इसकी कोई सही गिनती नहीं है।

सीएम सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक यह 'अयान ट्रेडर्स' और आर्किटेक्ट की जिम्मेदारी थी कि वे निगरानी करें और देखें कि कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड सेफ्टी नियमों के अनुसार और अच्छी क्वालिटी के कंस्ट्रक्शन मैटेरियल का इस्तेमाल करके किया जा रहा है या नहीं।

सीएम बोले- दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

सीएम ने कहा, "इस मामले में कम से कम निगरानी भी नहीं की गई। इसलिए उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह तो बस शुरुआत है। भरोसा रखिए कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने आम लोगों से यह अपील भी की कि जो कोई भी बिल्डिंग प्लान में धोखाधड़ी का शिकार होता है, उसे तुरंत लोकल पुलिस स्टेशन जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "हम जरूर कार्रवाई करेंगे।"

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