TMC Leader Jahangir Khan Arrest: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और कथित सिंडिकेट राज पर लगाम कसने की मुहिम शुरू हो गई है। ईसी बीच दक्षिण 24 परगना जिले के फालता में बुधवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रभावशाली नेता और विवादों में घिरे जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में जुटे समर्थकों ने फालता थाने का घेराव कर उन्हें लॉकअप से छुड़ाने की कोशिश की।
हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया और कथित ‘जेल ब्रेक’ की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को फालता के शातोल कोलसा इलाके में स्थित जहांगीर खान के आवास के पास अचानक सैकड़ों लोग जमा होने लगे। देखते ही देखते भीड़ ने लाठी-डंडों के साथ नारेबाजी शुरू कर दी और संगठित तरीके से फालता थाने की ओर बढ़ने लगी। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर प्रशासन पहले से ही सतर्क था और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। अधिकारियों को आशंका थी कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा किया गया है, जिससे इलाके में तनाव पैदा किया जा सके।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल तैनात कर दिया और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।भारी तादाद में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) की तैनात जवानों ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया और पूरी भीड़ को खदेड़ दिया। मौके से 8 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया।
जांच एजेंसियों और खुफिया विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस पूरे घटना के पीछे जहांगीर खान की पत्नी की मुख्य भूमिका सामने आई है। अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने ही कथित तौर पर समर्थकों को संगठित कर थाने का घेराव करने की योजना बनाई थी। पुलिस की प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, सोमवार रात से वह क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में जाकर तथा सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास कर रही थीं।
जहांगीर खान की पत्नी पर लोगों को कानून अपने हाथ में लेने और विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तो वहीं उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
आखिर जहांगीर खान कौन है और पुलिस उसके खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई क्यों कर रही है? यह सवाल अब चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल जहांगीर खान ममता बनर्जी की सरकार के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी से करीबी संबंध रहा है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ कई गंभीर आरोपों की जांच चल रही है। इसी सिलसिले में 8 जून को उसे उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसियों का दावा है कि गिरफ्तारी के समय वह राज्य छोड़कर फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उसे समय रहते दबोच लिया। तब से जहांगीर खान विभिन्न जांच एजेंसियों और पुलिस के निशाने पर है। भी पढें- TMC Leader Arrested: TMC नेता उदयन गुहा गिरफ्तार, CM शुभेंदु अधिकारी पर हमले का आरोप
इतना ही नहीं जहांगीर खान पर दक्षिण 24 परगना और हुगली नदी के तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर रंगदारी,अवैध वसुली ,जमीन कब्जाने और व्यापारियों को डराने-धमकाने समेत कई गंभीर आपराधिक मामले थाने में दर्ज हैं। जिसे सुवेंदु सरकार के आदेश पर पुलिस इस वक्त जहांगीर खान के पूरे कथित आपराधिक और आर्थिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए ताबड़तोड़ अभियान चला रही है।