

Abhishek Banerjee Vs Akash Vijayvargiya Case Big Update: पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय की ओर से दायर मानहानि मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उन्हें मिली अंतरिम राहत को समाप्त करते हुए गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटा दी है। बताया जा रहा है कि अदालत ने कई अवसर दिए जाने के बावजूद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सख्त रुख अपनाया और याचिका को खारिज कर दिया।
यह मामला उस बयान से जुड़ा है, जिसमें अभिषेक बनर्जी पर एक आमसभा के दौरान आकाश विजयवर्गीय को "गुंडा" कहने का आरोप है। इसी को लेकर भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। हाईकोर्ट से राहत खत्म होने के बाद अब अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
दरअसल, जबलपुर हाईकोर्ट ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक को समाप्त कर दिया है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने अभिषेक बनर्जी की याचिका को पैरवी के अभाव में खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से मामले को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई गई।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को पर्याप्त अवसर दिए थे। 16 जून को उनके वकील ने अतिरिक्त समय मांगा था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद 17 जून को दोबारा सुनवाई हुई, लेकिन पहले दौर और पासओवर के बाद भी उनकी ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया और 12 नवंबर 2025 को दी गई अंतरिम राहत भी समाप्त कर दी।
यह विवाद वर्ष 2020 में कोलकाता की एक राजनीतिक सभा में दिए गए कथित बयान से जुड़ा है। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय को 'गुंडा' कहा था। इसके बाद आकाश विजयवर्गीय ने वर्ष 2021 में भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया था। सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत उपस्थिति नहीं होने पर निचली अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अब हाईकोर्ट से राहत समाप्त होने के बाद मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई तेज होने की संभावना बढ़ गई है।