कौन हैं IAS रश्मि कमल जिनको मिली बंगाल जनगणना की कमान? 2024 में बीजेपी की शिकायत के बाद चर्चा में आईं थी अफसर
IAS Rashmi Kamal: 2006 बैच की IAS रश्मि कमल को 2027 के बंगाल की जनगणना के लिए राज्य का संचालन निदेशक नियुक्त किया गया है। 2024 चुनाव में भाजपा की शिकायत पर उनको रिटर्निंग अफसर के पद से हटाया गया था।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
IAS रश्मि कमल, फोटो- सोशल मीडिया
IAS Rashmi Kamal: गृह मंत्रालय ने चर्चित आईएएस अधिकारी रश्मि कमल को पश्चिम बंगाल के लिए जनगणना संचालन निदेशक और नागरिक पंजीकरण निदेशक नियुक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद, अगले 3 सालों के लिए इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालेंगी।
पश्चिम बंगाल कैडर की 2006 बैच की IAS अधिकारी रश्मि कमल का प्रशासनिक अनुभव लगभग दो दशकों का है। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से MBBS की डिग्री हासिल की और उसके बाद प्रशासनिक सेवा में आईं। प्रशासनिक हलकों में वे अपनी कार्यक्षमता और भाषाई कौशल के लिए जानी जाती हैं; वे हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ बंगाली भाषा में भी माहिर हैं।
उनकी नियुक्ति केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत सेंट्रल डेपुटेशन पर की गई है और उनका मुख्यालय कोलकाता होगा। जनगणना संचालन निदेशक के रूप में वे राज्य में दशकीय जनगणना की गतिविधियों और नागरिकता अधिनियम के तहत पंजीकरण प्रक्रियाओं की देखरेख करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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2024 चुनाव में सुर्खियों में रही थी रश्मि कमल
रश्मि कमल का नाम 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान काफी सुर्खियों में रहा था। उस समय वे कोलकाता दक्षिण सीट पर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के रूप में तैनात थीं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आयोग ने उन्हें पद से हटा दिया था।
कौन हैं रश्मि कमल?
रश्मि कमल वर्ष 2006 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं और उनका कैडर पश्चिम बंगाल है। उनके पास करीब दो दशकों का प्रशासनिक अनुभव है। रश्मि कमल का जन्म 1 जुलाई 1977 को हुआ था। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की, जबकि दिल्ली स्थित इग्नू से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है। बंगाली, अंग्रेजी और हिंदी भाषाओं में धाराप्रवाह रश्मि कमल पश्चिमांचल उन्नयन मामलों के विभाग में सचिव के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं। प्रशासनिक दक्षता और बहुभाषी क्षमता के कारण वे राज्य प्रशासन में अहम जिम्मेदारियां निभाती रही हैं।
क्या था भाजपा बनाम रश्मि कमल विवाद?
भाजपा का आरोप था कि रश्मि कमल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार माला रॉय का नामांकन गलत तरीके से स्वीकार किया था। भाजपा के अनुसार, माला रॉय उस समय कोलकाता नगर निगम (KMC) की चेयरपर्सन थीं, जो कि एक “लाभ का पद” था। भाजपा ने उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की थी, लेकिन रश्मि कमल ने नामांकन इस आधार पर स्वीकार कर लिया था कि उम्मीदवार ने 2019 से कोई सैलरी नहीं ली थी। इस विवाद के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें और एक अन्य अधिकारी को स्थानांतरित कर दिया था।
जनगणना 2027: कब और कैसे शुरू होगी प्रक्रिया?
रश्मि कमल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश में जनगणना 2027 की तैयारियां जोरों पर हैं। गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, यह जनगणना दो चरणों में संपन्न की जाएगी:
- पहला चरण (हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन- HLO): यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी। इस चरण में हर घर की स्थितियों, संपत्ति और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित डेटा जुटाया जाएगा। राज्य सरकारों को 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच इस काम को पूरा करने के लिए 30 दिनों की अवधि तय करनी होगी।
- दूसरा चरण (जनसंख्या गणना- PE): जनगणना का दूसरा चरण अगले साल यानी फरवरी 2028 में होने की संभावना है। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी एकत्र की जाएगी।
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रश्मि कमल अब इन सभी गतिविधियों की कमान संभालेंगी और पश्चिम बंगाल में दशकीय जनगणना को पारदर्शी तरीके से पूरा करना उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।
