'अधिकारी को धमकाया तो खैर नहीं...' चुनाव आयोग का TMC को अल्टीमेटम; ममता सरकार को लगाई फटकार

ECI ने TMC डेलीगेशन को साफ कर दिया है कि जो भी गड़बड़ी करने वाला कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
'Threaten the officer and face the consequences...' Election Commission issues ultimatum to TMC; reprimands Mamata government
ममता सरकार को चुनाव आयोग की चेतावनी (फोटो- सोशल मीडिया)
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Election Commission warning TMC: चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रतिनिधिमंडल के सामने अपने तेवर सख्त कर लिए हैं। आयोग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि चुनावी ड्यूटी में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई भी कानून हाथ में लेता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, आयोग ने ममता सरकार को बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) का बकाया पैसा न देने पर कड़ी फटकार लगाई है।

बंगाल समेत कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया में लगे बूथ लेवल ऑफिसर्स की सैलरी चुनाव आयोग ने बढ़ाई थी। लेकिन हैरानी की बात है कि जहां अन्य राज्यों में कर्मचारियों को बढ़ा हुआ पैसा मिल रहा है, वहीं बंगाल सरकार ने अभी तक यह भुगतान शुरू नहीं किया है। इस लापरवाही पर चुनाव आयोग ने नाराजगी जताई है। बुधवार को हुई बैठक में ईसीआई ने दो-टूक निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार को आयोग की तरफ से बढ़ाई गई राशि हर बीएलओ को तुरंत जारी करनी होगी।

गुंडागर्दी पर जीरो टॉलरेंस

चुनाव आयोग ने TMC को यह सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है कि उनके जमीनी स्तर के कार्यकर्ता चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को न धमकाएं। अक्सर चुनाव के दौरान ऐसी खबरें सामने आती हैं, हालांकि टीएमसी हमेशा इससे इनकार करती रही है। लेकिन इस बार आयोग का रुख पहले से ही कड़ा है। ईसीआई ने साफ कर दिया है कि अगर बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ या पर्यवेक्षकों को डराया गया, तो यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। कानून हाथ में लेने वाले उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब घर के नीचे होगा मतदान

बैठक में  चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को लेकर भी बड़ा निर्देश दिया। टीएमसी प्रतिनिधिमंडल को कहा गया है कि हाई राइज बिल्डिंग्स, गेटेड सोसाइटी और झुग्गी-झोपड़ियों में अलग से मतदान केंद्र स्थापित किए जाएं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वोट डालने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। आयोग का पूरा जोर इस बात पर है कि हर वर्ग का मतदाता आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

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