‘प्रदर्शन में छात्रों को भेज नियमों का उल्लंघन कर रहे शिक्षण संस्थान’, शिक्षा विभाग ने तीन स्कूलों को भेजा नोटिस
कोलकाता डॉक्टर हत्या मामले में लगातार प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर्स के प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रो को लेकर शिक्षा विभाग ने कोलकाता के तीन स्कूलों पर नियम उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, इसके साथ ही 24 घंटो में जवाब भी मांगा है।
- Written By: शुभम पाठक
डॉक्टर हत्या मामला (सोर्स:-सोशल मीडिया)
कोलकाता: कोलकाता डॉक्टर हत्या मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। जहां पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरे जूनियर डॉक्टर्स की टीम लगातार विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगे तेज कर रही है। इसी मामले एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पश्चिम बंगाल में स्कूली शिक्षा विभाग ने तीन स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बात अगर शिक्षा विभाग के द्वारा भेजे गए नोटिस के कारण की करें तो शिक्षा विभाग ने स्कूलों पर आरोप लगाया है कि कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के बाद हत्या के विरोध में छात्रों को रैलियों में भाग लेने के लिए मजबूर करने का आरोप है।
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तीन स्कूलों को भेजा गया नोटिस
मिली जानकारी के अनुसार छात्रों को जबरन प्रदर्शन में ले जाने को लेकर भेजे गए नोटिस में हावड़ा जिले के बालूहाटी माध्यमिक विद्यालय, बालूहाटी बालिका माध्यमिक विद्यालय और बंत्रा राजलक्ष्मी बालिका विद्यालय शामिल हैं। विभाग ने शुक्रवार को इन स्कूलों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। वहीं इस नोटिस के बारे में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रैली में छात्रों के साथ-साथ कई शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी भाग लिया, जो स्कूल के नियमों का उल्लंघन है।
अधिकारियों ने दी जानकारी
स्कूलों को भेजे गए नोटिस के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि स्कूल के नियमों का उल्लंघन है, उत्तर पुस्तिकाएं नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन छात्रों को कक्षा के समय ऐसे आयोजनों में भाग लेने की अनुमति नहीं है। हमें पता चला है कि कुछ शिक्षक और अन्य कर्मचारी इन छात्रों को रैली में ले गए थे। इन छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले विभाग की ओर से निर्देश जारी किए गए थे कि छात्रों को स्कूल या विभाग से संबंधित किसी भी गतिविधि में भाग लेने से प्रतिबंधित किया जाता है।
क्या है नोटिस में आरोप
इसके साथ ही बात अगर जारी नोटिस की करें तो अधिकारी ने बताया कि जिला निरीक्षक द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि स्कूल के छात्र किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि ऐसी खबरें आई हैं कि राज्य भर में महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर राजनीतिक रैलियों में छात्रों को शामिल किया जा रहा है।
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हालांकि, नोटिस में सीधे तौर पर आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की घटना का जिक्र नहीं है, जिसे लेकर राज्य भर में विरोध रैलियां आयोजित की जा रही हैं। महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के करीब दो हफ्ते बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में नागरिकों, नागरिक समाज संगठनों, युवाओं, छात्रों, महिला समूहों और राजनीतिक दलों द्वारा सभी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रैलियां आयोजित की जा रही हैं।
