बंगाल सरकार की सख्ती का असर, कोलकाता में मांस की सप्लाई ठप, शहर के इकलौते बूचड़खाने पर मंडराया संकट
West Bengal New Animal Slaughter Rules: पशुवध पर सरकार द्वारा लाए गए नए नियम का असर दिखना शुरू हो गया है। कोलकाता के एकमात्र बूचड़खाने में पशु वध में आई भारी कमी।
- Written By: अमन मौर्या
बूचड़खाने की सांकेतिक तस्वीर (फोटो सोर्स- एआई जनरेटेड)
Kolkata Slaughterhouse Meat Supply Hit: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही पुराने कानूनों को राज्य में सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। सुवेंदू सरकार ने अभी हाल ही में राज्य में नया पशु वध नियम लागू किया था। इसके तहत पशु वध के लिए फिटनेस सर्टीफिकेट अनिवार्य कर दिया गया साथ ही खुले में पशुवध पर भी रोक लगा दी गई। सरकार के इस कदम का राज्य में असर दिखना शुरू हो गया है।
कोलकाता में एकलौते बूचड़खाने में गुरूवार को मांस की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नए नियम के मानदंडों को पूरा करने के कारण केवल 22 पशुओं के ही वध करने की अनुमति दी गई, जबकि सरकारी मानदंडो को पूरा न कर पाने के कारण 180 पशुओं को परिसर में ही रखा गया है। बता दें, पहले यहां 150 से 200 पशु कभी-कभी 250 पशुओं का रोजाना वध किया जाता था।
क्या था सरकार आदेश?
पश्चिम बंगाल सरकार ने 1950 के बंगाल कानून और 2018 के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए प्रदेश में पशु वध को लेकर एक नोटिस जारी किया था। सरकार द्वारा जारी नोटिस में पशु वध के लिए फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य कर दिया गया था।
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The West Bengal government has issued a modified notice for the public under the West Bengal Animal Slaughter Control Act 1950, saying no cattle or buffalo can be slaughtered without official certification, which declares the animal fit for slaughter. No open public slaughter… pic.twitter.com/cBdYrdRkvW — ANI (@ANI) May 14, 2026
लिखित सहमति आवश्यक
सरकार ने बताया कि फिटनेस प्रमाण पत्र पंचायत समिति के अध्यक्ष या नगरपालिका अध्यक्ष और सरकारी पशु चिकित्सक मिलकर जारी करेंगे। इसके अनुसार, पशु की आयु 14 साल से अधिक है, वह काम करने या प्रजनन करने के लायक नहीं है, किसी पुरानी बीमारी, शरीर की खराबी, चोट या कभी ठीक न होने वाली बीमारी की वजह से हमेशा के लिए अक्षम हो गया है। इस बात को लिखित रूप में सहमति आवश्यक माना गया था।
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नियम न मानने पर होगी जेल
‘पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950’ के संशोधित नोटिस के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने नियम के उल्लंघन पर 6 महीने की जेल या 1000 रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों सजा का प्रावधान बनाया। फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार किए जाने की स्थिति में 15 दिनों के भीतर कोई भी व्यक्ति राज्य सरकार में अपील भी कर सकता है।
