बंगाल में पशु वध पर CM सुवेंदु का बड़ा एक्शन, अब बिना सर्टिफिकेट नहीं चलेगी छुरी, नियम तोड़ा तो सीधे जेल

Animal Fitness Certificate West Bengal: बंगाल सरकार ने पशु वध पर कड़ा रुख अपनाते हुए नए नियम जारी किए हैं। अब 14 साल से अधिक उम्र के पशुओं के वध के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा।
CM Suvendu Takes Major Action Against Animal Slaughter in Bengal: No Slaughtering Without a Certificate—Violators Face Immediate Imprisonment.
सुवेंदु अधिकारी सरकार का पशुवध पर नया नियम (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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West Bengal New Animal Slaughter Rules: पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता में आई बीजेपी सरकार ने लगातार कई बड़े फैसले ले रही है। अब बंगाल सरकार ने राज्य में पशु वध पर बड़ा फैसला लिया है। 1950 के बंगाल कानून और 2018 के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सरकार ने राज्य में पशु वध पर एक नोटिस जारी किया है। इसमें पशु वध के लिए फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।

फिटनेस प्रमाण पत्र देना अनिवार्य

बंगाल सरकार ने बताया कि फिटनेस प्रमाण पत्र केवल पंचायत समिति के अध्यक्ष या नगरपालिका अध्यक्ष और सरकारी पशु चिकित्सक मिलकर ही जारी करेंगे। प्रमाणपत्र में लिखित रूप में इस बात पर सहमति आवश्यक है कि पशु की आयु 14 साल से अधिक है। इसके अलावा वह काम करने या प्रजनन करने के लायक नहीं है या किसी पुरानी बीमारी, शरीर की खराबी, चोट या कभी ठीक न होने वाली बीमारी की वजह से हमेशा के लिए अक्षम हो गया है।

सार्वजनिक पशु वध पर भी लगी रोक

राज्य सरकार ने फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ-साथ खुले में पशु वध पर भी रोक लगाया है। नोटिस के अनुसार, अब नगरपालिका की तरफ से तय और अधिकृत वधशाला में ही पशुओं का वध किया जाएगा। सरकार के इस कदम की काफी चर्चा हो रही है। बता दें कि सुवेंदु अधिकारी सीएम बनते ही राज्य में कई बड़ै फैसले लिए हैं।

उल्लंघन पर होगी जेल

पश्चिम बंगाल सरकार ने 'पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950' के संशोधित नोटिस के तहत इस नियम का उल्लंघन करने पर 6 महीने तक की जेल या 1000 रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं हो सकती है। फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार किए जाने पर कोई भी व्यक्ति 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार में अपील भी कर सकता है।

क्या कहता है 1950 का अधिनियम

राज्य में पशुओं के वध को नियंत्रित करने के लिए लाया गया 'पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950' एक ऐसा कानून है, जिसके तहत राज्य में गाय, भैंस, बैल और बछड़ों जैसे विशेष पशुओं के वध को नियंत्रित किया जाता है।

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