असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Himanta Biswa Sarma Controversial Comment on Babri Masjid Murshidabad: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने यह बयान मिर्जापुर के अपने दौरे के दौरान दिया। सरमा ने कहा कि यह “बाबरी मस्जिद का सिर्फ पुतला है, असली मस्जिद नहीं। जब असली मस्जिद ही अब मौजूद नहीं है, तो उसका पुतला क्या करेगा?” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
हुमायूं कबीर जिन्हें ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित किया जा चुका है, उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र के रेजिनगर में बाबरी मस्जिद के नाम से एक नई मस्जिद के निर्माण की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद से राज्य में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। कबीर ने दावा किया है कि मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और अगले दो दशकों के भीतर यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी।
परियोजना की गैलरी लागत 50 से 55 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है। निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। कई लोग स्वेच्छा से श्रमदान करते हुए और निर्माण सामग्री ढोते हुए भी नजर आए हैं।
टीएमसी से निलंबन के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जनता समेकित पार्टी’ (जेयूपी) का गठन किया है। उन्होंने कहा कि किसी को भी मस्जिद निर्माण में बाधा नहीं डालनी चाहिए, क्योंकि देश का संविधान हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने और धार्मिक स्थलों के निर्माण की स्वतंत्रता देता है। कबीर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक आस्था का पालन करना है। उन्होंने कहा कि वे इस्लाम के नाम पर किसी का विरोध नहीं करेंगे और उनका मकसद केवल अपनी आस्था के प्रति समर्पण दिखाना है।
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पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार ममता बनर्जी की सरकार को एक साथ दो मोर्चों पर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ राज्य सरकार ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भारत के चुनाव आयोग के खिलाफ सर मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में कानूनी लड़ाई शुरू की है। वहीं दूसरी ओर, हुमायूं कबीर भी लगातार ममता बनर्जी पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं, जिससे राज्य की राजनीति और ज्यादा गरमा गई है।