

Groom Refuses Dowry : उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में दहेज प्रथा के खिलाफ एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है। जहां देश में दहेज को लेकर हिंसा और उत्पीड़न की खबरें लगातार आती रहती हैं, वहीं नागवा गांव के रहने वाले आवधेश राणा ने समाज को एक मजबूत संदेश देते हुए दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया। उनकी यह पहल न सिर्फ शादी समारोह में मौजूद मेहमानों को भावुक कर गई, बल्कि अब पूरे जिले में उनकी जमकर सराहना हो रही है।
22 नवंबर को मुज़फ्फरनगर के एक बैंक्वेट हॉल में आवधेश राणा की शादी शाहबुद्दीनपुर की निवासी अदिति सिंह से हो रही थी। गोराटिलक की रस्म के दौरान दुल्हन पक्ष ने परंपरा के अनुसार 31 लाख रुपये नकद दहेज के रूप में पेश किए। लेकिन आवधेश ने दोनों हाथ जोड़कर यह रकम लेने से मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि शादी दो परिवारों का पवित्र बंधन है, कोई सौदा नहीं। यह देखकर वहां मौजूद हर मेहमान तालियों की गड़गड़ाहट में उनकी इस सोच का स्वागत करने लगा।
उन्होंने आगे कहा कि उनकी और अदिति की रिश्ता सिर्फ “एक रुपये” से तय हुआ था। “हमारा रिश्ता एक रुपये से शुरू हुआ और वहीं खत्म हुआ। हम किसी का बोझ नहीं लेना चाहते।” यह बयान लोगों के दिल को छू गया।
आवधेश का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब दहेज से जुड़े अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में उनका बड़ा दिल और साहसिक कदम समाज के लिए एक प्रेरणा बन गया है। कई यूज़र्स ने लिखा कि अगर हर दूल्हा ऐसा फैसला ले, तो दहेज जैसी कुप्रथा अपने आप खत्म हो जाएगी।