ट्रेन में फैलाया कचरा, रातभर तेज आवाज में चलाए वीडियो, यात्री की पोस्ट ने छेड़ी सिविक सेंस पर बहस
Train Viral Post : ट्रेन में सहयात्री द्वारा कचरा फैलाने और तेज आवाज में वीडियो चलाने की शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पोस्ट के बाद सिविक सेंस, सार्वजनिक व्यवहार को लेकर बहस छिड़ गई है।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल हो रही तस्वीरें (फोटो - गूगल इमेज)
Civic Sense Debate : ट्रेन यात्रा के दौरान एक यात्री के अनुभव ने सोशल मीडिया पर सिविक सेंस और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में यात्री ने दावा किया कि उसके बगल में बैठा व्यक्ति लगभग पूरी आठ घंटे की यात्रा के दौरान लगातार खाना खाता रहा और खाने का बचा हुआ हिस्सा, प्लास्टिक की बोतलें तथा अन्य कचरा सीट के नीचे फेंकता रहा।
हैरानी की बात यह थी कि डिब्बे के बाहर कूड़ेदान मौजूद था, लेकिन फिर भी उसने उसका इस्तेमाल नहीं किया। पोस्ट के साथ शेयर की गई तस्वीर में ट्रेन के फर्श पर बिखरा कचरा साफ दिखाई दे रहा था, जिससे कई लोगों ने नाराजगी जताई।
Passenger next to my seat spent the whole 8 hour train journey eating and throwing all the leftovers under the seat. Dustbin was right outside. Later, when everyone was trying to sleep, he started playing videos loudly. Wanted to teach him a lesson in civic sense, but I stopped… pic.twitter.com/0p2REyNz3P — Aaraynsh (@aaraynsh) June 25, 2026
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ट्रेन में फैले कचरे, असभ्य व्यवहार पर यात्री की पोस्ट वायरल
पोस्ट करने वाले यात्री ने बताया कि रात में जब बाकी लोग आराम करने की कोशिश कर रहे थे, तब वही व्यक्ति तेज आवाज में अपने मोबाइल पर वीडियो चलाने लगा। यात्री का कहना था कि वह उसे टोकना चाहता था और नागरिक जिम्मेदारी का एहसास दिलाना चाहता था, लेकिन उसने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा नहीं किया।
उसने लिखा कि किसी अजनबी को शिष्टाचार सिखाने से ज्यादा जरूरी सुरक्षित घर पहुंचना है। उसके मुताबिक, कई बार ऐसे लोगों को समझाने की कोशिश बहस या हिंसा में बदल सकती है। इसी वजह से उसने चुप रहना ही बेहतर समझा। यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने इस पर अलग-अलग राय रखी।
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सोशल मीडिया पर सिविक सेंस को लेकर बहस शुरू
पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने यात्री के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सीधे टकराव से बचना चाहिए, जबकि कुछ का मानना था कि रेलवे अधिकारियों को शिकायत करना बेहतर विकल्प हो सकता था।
कई यूजर्स ने सुझाव दिया कि ऐसी घटनाओं की तस्वीर या वीडियो साझा कर रेलवे हेल्पलाइन, रेल सेवा, आरपीएफ या रेलवे मंत्रालय को टैग करना चाहिए।
वहीं कुछ लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती असंवेदनशीलता और साफ-सफाई के प्रति लापरवाही पर चिंता जताई। यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लेकर आया है कि सार्वजनिक जगहों पर बेहतर व्यवहार और जिम्मेदारी की भावना कैसे विकसित की जाए।
