रेगिस्तान की खामोशी में गूंजा मोरचंग, राजस्थान के खाता नाथ ने 55 मिलियन व्यूज के साथ जीता इंटरनेट का दिल
Rajasthan Viral Video : राजस्थान के रेगिस्तान में मोरचंग बजाते खाता नाथ का वीडियो वायरल, 55 मिलियन व्यूज के साथ दुनियाभर में मिली पहचान। यूजर्स ने लिखा कि लोककलाएं सदियों तक जीवित रहती हैं।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Rajasthani Folk Music : रेगिस्तान की शांत रेत, ढलते सूरज की लालिमा और एक कलाकार के हाथों में छोटा-सा लोहे का वाद्ययंत्र—देखने में यह पल जितना साधारण लगता है, सुनने में उतना ही जादुई बन जाता है। सोशल मीडिया पर राजस्थान के एक ऐसे ही ‘अनदेखे रत्न’ का वीडियो इन दिनों जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है, जिसने करोड़ों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।
वायरल वीडियो में एक कलाकार रेगिस्तान के टीलों पर बैठकर पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाते नजर आ रहे हैं और जैसे ही उसकी धुन गूंजती है, माहौल पूरी तरह बदल जाता है।
वाद्ययंत्र मोरचंग को बजाते राजस्थानी कलाकार का वीडियो वायरल
इस वीडियो में नजर आ रहे कलाकार का नाम खाता नाथ (Khata Nath) है। वे राजस्थान के पारंपरिक वाद्ययंत्र मोरचंग को बजा रहे हैं, जिसे दांतों और होठों के बीच दबाकर सांसों के नियंत्रण से बजाया जाता है। यह वाद्ययंत्र आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन इसकी ध्वनि बेहद गहरी और सम्मोहक होती है।
डिजिटल क्रिएटर देवांश अलीजर द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि बिना किसी बड़े साउंड सिस्टम या म्यूजिक सेटअप के खाता नाथ किस तरह अपनी कला से एक जादुई माहौल रच देते हैं। उनकी धुन रेगिस्तान की खामोशी में घुलकर एक अलग ही एहसास पैदा करती है।
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यही राजस्थान की असली पहचान है
इस वीडियो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अब तक 55 मिलियन से ज्यादा व्यूज और 34 लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे राजस्थान की असली पहचान बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि ट्रेंड्स आते-जाते रहते हैं, लेकिन ऐसी लोककलाएं सदियों तक जीवित रहती हैं।
देवांश अलीजर ने बताया कि वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने खास तौर पर लोगों को रेगिस्तान भेजकर खाता नाथ को ढूंढने की कोशिश की, ताकि उन्हें सही मंच और पहचान मिल सके। उन्होंने कलाकार का संपर्क नंबर भी साझा किया है, ताकि संगीत प्रेमी और रिकॉर्डिंग कंपनियां सीधे उनसे जुड़ सकें। यह वीडियो एक बार फिर साबित करता है कि भारत के गांव-ढाणियों में आज भी ऐसी कला छुपी है, जिसे बस सही नजर की जरूरत है।
