राजस्थान में हाईवे पर खाना खाते परिवार की हुई आलोचना, सामने आई पूरी सच्चाई

Highway Family Meal : राजस्थान में हाईवे किनारे खाना खाते 20-25 लोगों का वीडियो वायरल हुआ था। अब परिवार ने बताया कि वे हाईवे पर नहीं, बल्कि तय पार्किंग और रेस्ट एरिया में बैठे थे।
The truth behind a viral video of a Rajasthan family eating beside a highway has emerged.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट(सोर्स - सोशल मीडिया)
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Rajasthan Viral Video : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में हाईवे किनारे खाना खाते 20 से 25 लोगों के परिवार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खूब चर्चा हुई। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग एक साथ बैठकर खाना खाते नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि परिवार ने हाईवे पर ही बैठकर खाना शुरू कर दिया और सार्वजनिक सड़क का इस्तेमाल पिकनिक स्पॉट की तरह किया।

इसके बाद परिवार को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। हालांकि, बाद में जब आज तक ने वीडियो रिकॉर्ड करने वाले शख्स से बात की तो मामले की तस्वीर कुछ अलग सामने आई। चित्तौड़गढ़ निवासी शिव प्रकाश के मुताबिक, वह 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के मौके पर अपने परिवार के साथ मेनाल वॉटरफॉल गए थे।

हाईवे पर खाना खाते परिवार की सच्चाई

शिव प्रकाश ने बताया कि वापसी के दौरान परिवार नेशनल हाईवे-27 पर बने निर्धारित पार्किंग और रेस्ट एरिया में रुका था। परिवार में करीब 20 से 25 लोग थे और सभी ने अपने वाहन को सड़क के बाईं ओर निर्धारित जगह पर खड़ा किया। इसके बाद वे करीब 15 मिनट तक वहीं बैठकर खाना खाते रहे।

उनका कहना है कि परिवार हाईवे की मुख्य सड़क पर नहीं बैठा था और न ही यातायात को बाधित किया गया था। शिव प्रकाश ने इसी दौरान परिवार के खाना खाने का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। बाद में वायरल वीडियो को उसके मूल संदर्भ से अलग तरीके से शेयर किया गया और दावा किया गया कि परिवार ने हाईवे पर कब्जा कर वहां खाना शुरू कर दिया।

परिवार ने बताया कि वे निर्धारित पार्किंग एरिया में बैठे थे

मामले पर NHAI के उदयपुर प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनिल चौधरी ने भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वीडियो कोटा-चित्तौड़गढ़ हाईवे का है और वीडियो में नजर आ रहे लोग निर्धारित पार्किंग एरिया में बैठे थे। यह जगह लोगों को रुकने और आराम करने के लिए बनाई गई है और यहां ट्रकों की पार्किंग की सुविधा भी है।

शिव प्रकाश ने यह भी बताया कि हरियाली अमावस्या के मौके पर मेवाड़ क्षेत्र में परिवारों के साथ घूमने और पिकनिक पर जाने की परंपरा रही है। इसी परंपरा के तहत उनका परिवार भी घूमने निकला था। यानी जिस वीडियो को देखकर परिवार की आलोचना हो रही थी, उसमें दिखाई दे रहा स्थान मुख्य हाईवे नहीं बल्कि निर्धारित पार्किंग और रेस्ट एरिया था।

The truth behind a viral video of a Rajasthan family eating beside a highway has emerged.
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