अस्पताल ने भर्ती से किया इनकार, सड़क पर हुई महिला की डिलीवरी; राहगीरों ने बचाई जान
Pune Road Childbirth Video : पुणे में अस्पताल द्वारा भर्ती से इनकार के बाद एक महिला की सड़क पर डिलीवरी करानी पड़ी। राहगीरों और डॉक्टर की मदद से मां और नवजात सुरक्षित हैं।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Pune Delivery Case : महाराष्ट्र के पुणे से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती न मिलने के कारण सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, 23 वर्षीय सुप्रिया काले डिलीवरी के लिए शिरुर के एक सरकारी अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि अस्पताल में फिलहाल डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बताया गया कि वहां अल्ट्रासाउंड मशीन भी काम नहीं कर रही थी, जिससे इलाज संभव नहीं था।
सड़क पर हुई महिला की डिलीवरी
अस्पताल से लौटने के कुछ ही समय बाद सुप्रिया की तबीयत अचानक बिगड़ गई। निर्माण चौक के पास उन्हें तेज लेबर पेन शुरू हुआ और वे सड़क पर ही गिर पड़ीं। उस समय उनके पास अस्पताल पहुंचने का समय नहीं था।
सम्बंधित ख़बरें
वाराणसी में अवैध क्लीनिक की लापरवाही से प्रसूता की मौत, स्वास्थ्य विभाग पर उठे गंभीर सवाल! देखें VIDEO
ट्रेन के चार्जिंग पोर्ट में टेबल फैन चलाने लगा शख्स, वायरल वीडियो देख लोगों ने पूछा- आखिर यह कैसे संभव है?
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, 100 करोड़ की संपत्ति वाले PK ने रचा इतिहास! देखें VIDEO
सड़क पर गिरे बेहोश शख्स की ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने CPR देकर बचाई जान, वायरल वीडियो जीत रहा लोगों का दिल
ऐसे में वहां मौजूद आम लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए तुरंत मदद के लिए आगे कदम बढ़ाया। किसी ने नजदीक में मौजूद डॉक्टर को बुलाया, जबकि अन्य लोगों ने महिला के आसपास साड़ी से घेरा बनाकर प्राइवेसी देने की कोशिश की।
ये खबर भी पढ़ें : कानपुर में मोमो फैक्ट्री पर छापा, 20 किलो सड़े मोमो और गंदी चटनी बरामद
यह घटना इंसानियत की मिसाल पेश
मौके पर पहुंचीं Dr. Sunita Pote ने हालात संभाले और सड़क पर ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। इस दौरान राहगीरों ने पूरा सहयोग किया। राहत की बात यह रही कि मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
यह घटना जहां एक ओर इंसानियत की मिसाल पेश करती है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को भी उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
