पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम
पेरिस: ओलंपिक 2024 का बुखार पूरी दुनिया पर छाया है। सभी देश के लोगों की नजर अपने खिलाड़ियों पर है। भारत के खिलाड़ी लगातार मेडल अपने नाम कर रहे हैं। बीते दिन भालाफेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं पाकिस्तानी खिलाड़ी अरशद नदीम ने इस मुकाबले में रिकॉर्ड तोड़ते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया है।
नदीम के इस जीत का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें पाकिस्तान के होनहार खिलाड़ी अपने आंसू रोक नहीं पा रहे हैं। वहीं चारो ओर खड़ी जनता उनका हौसला बढ़ा रही है। नदीम ने ये जीत भारत के खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को हरा कर हासिल की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नदीम अपने देश का झंडा अपने शरीर से लपेटे हुए हैं। वहीं उनके पास में एक शख्स खड़ा है। जिसे पकड़ कर वो जोर-जोर से रोने लगते हैं। वायरल हो रहे इस वीडियो पर लोगों ने भी प्रतिक्रियाएं दी है। सोशल मीडिया के एक यूजर ने कहा कि जीत की खुशी कुछ ऐसी ही दिखती है।
#ArshadNadeem crying after winning gold medal. He’s pride of 🇵🇰❤️#ParisOlympics2024 pic.twitter.com/LKFeUfUZDe — Qasim Ali Bhatti (@QasimAlibhatti) August 9, 2024
यह भी पढ़ें- “मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, लेकिन…”, रजत पदक जीतने के बाद बोले नीरज चोपड़ा
बता दें कि अरशद नदीम ने इस प्रतियोगिता में 92.97 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। वहीं नीरज चोपड़ा ने इस मुकाबले में 89.45 मीटर का भाला फेंक कर सिल्वर मेडल जीता है। नदीम ने इस मुकाबले में ओलंपिक का नया रिकॉर्ड भी बनाया है। पाकिस्तान के ये खिलाड़ी 90 मीटर से आगे भाला फेंकने वाले टॉप खिलाड़ी बन गए हैं।
उन्होंने एंड्रियास के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। एंड्रियास ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में 90.57 मीटर भाला फेंककर रिकॉर्ड बनाया था। जिसके बाद पाकिस्तान के इस खिलाड़ी ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
यह भी पढ़ें- विनेश फोगाट मामले पर CAS में सुनवाई आज, रजत पदक की मांग
हालांकि नदीम के इस जीत को बेइमानी का भी नाम दिया जा रहा है। उनके थ्रो पर संदेह जताते हुए डोपिंग का भी मुद्दा उठाया जा रहा है। हालांकि इस बात को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस मामले का फैसला वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) द्वारा की जाएगी। अगर उनपर लगा यह आरोप सही पाया जाता है तो उनसे उनका ये खिताब वापस ले लिया जाएगा।
डोपिंग का मतलब है मुकाबले से पहले कुछ ऐसे पदार्थों या दवाओं का सेवन करना जिससे उसकी उर्जा बढ़ जाए और वह बेहतर प्रदर्शन कर पाएं। सभी खेलों में एथलीटों को ऐसे दवाओं के सेवन पर प्रतिबंध होता है। ऐसा करना खिलाड़ियों के लिए गैर कानूनी माना जाता है।