लड्डू गोपाल को सैलून ले गई महिला, वायरल वीडियो पर छिड़ी आस्था बनाम दिखावे की बहस
Laddoo Gopal Viral Video : लड्डू गोपाल की मूर्ति को सैलून में हेयर वॉश कराने का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर आस्था और दिखावे को लेकर बहस छिड़ गई है।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Krishna Idol Salon Controversy : सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आस्था और दिखावे के बीच नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक महिला लड्डू गोपाल की मूर्ति को सैलून में लेकर जाती है और वहां उनका हेयर वॉश करवाती नजर आती है।
इस क्लिप को कंटेंट क्रिएटर मनीष आरजे ने शेयर किया था, जिसमें सैलून स्टाफ मूर्ति के बालों में शैंपू लगाकर मसाज करता है और फिर हेयर ड्रायर से सुखाकर चोटी बनाता है। वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
Aaj Kanhaji hair wash karne salon gaye the. 😂 pic.twitter.com/UR5qiawtCV — Manish RJ (@mrjethwani1) April 18, 2026
सम्बंधित ख़बरें
जर्मन व्लॉगर और भारतीयों का दिल जीतने वाला वीडियो वायरल, ‘हिंदुस्तान-जर्मनी जिंदाबाद’ के लगे नारे
मैदान पर ही फूट-फूट कर रोने लगे 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, VIDEO देख पसीज जाएगा आपका दिल, मैच के बाद क्या हुआ?
2 बाइक से पहुंचे और मिनटों में ज्वेलरी शॉप उड़ा ले गए लाखों के जेवर, फिल्मी स्टाइल में लूट का VIDEO आया सामने
बाइक पर स्टंट और वीडियो बनाने के चक्कर में 3 सगे भाइयों की मौत, खौफनाक VIDEO देख कांप जाएगी रूह
लड्डू गोपाल की मूर्ति को सैलून लेकर पहुंची महिला
कई यूजर्स ने इस कृत्य की कड़ी आलोचना की और इसे आस्था के नाम पर दिखावा बताया। कुछ लोगों का कहना है कि पूजा-पाठ के अपने नियम और परंपराएं होती हैं, जिनका पालन करना चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज़ पाने की कोशिश करार दिया।
एक यूजर ने लिखा कि “यह भक्ति नहीं, बल्कि ध्यान खींचने का तरीका है,” जबकि दूसरे ने इसे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया। इस वीडियो को दोबारा शेयर करने वाले कुछ अकाउंट्स ने भी इस पर सख्त टिप्पणी की, जिससे बहस और तेज हो गई।
ये खबर भी पढ़ें : जर्मन व्लॉगर और भारतीयों का दिल जीतने वाला वीडियो वायरल, ‘हिंदुस्तान-जर्मनी जिंदाबाद’ के लगे नारे
वायरल वीडियो पर लोगों के बीच छिड़ी बहस
हालांकि, हर कोई इस वायरल वीडियो के खिलाफ नहीं है। कुछ यूजर्स का मानना है कि आस्था व्यक्त करने का हर व्यक्ति का अपना तरीका होता है और इसे इतनी सख्ती से जज नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, अगर किसी की भावना में सच्चाई है, तो उसे गलत नहीं कहा जा सकता।
फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटी राय को साफ दिखा रहा है- एक ओर परंपरा और मर्यादा की बात करने वाले लोग हैं, तो दूसरी ओर व्यक्तिगत आस्था की स्वतंत्रता का समर्थन करने वाले। यह मामला इस बात पर भी सवाल खड़ा करता है कि क्या सोशल मीडिया के दौर में धार्मिक भावनाएं भी कंटेंट का हिस्सा बनती जा रही हैं।
