420 रिजेक्शन के बाद मिली न्यूयॉर्क में ड्रीम जॉब, भारतीय लड़की की एक बात ने जीत लिया इंटरनेट का दिल

Career Inspiration : एनवाईयू से पढ़ाई करने वाली भारतीय छात्रा दिव्या बंसल ने 420 रिजेक्शन झेलने के बाद न्यूयॉर्क में अपनी ड्रीम जॉब हासिल की। उनकी कहानी ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया।
After facing 420 rejections, NYU graduate Divya Bansal landed her dream job in New York and inspired many by saying her career is only a part of her life, not her identity.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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420 Job Rejections : कहते हैं कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो हार मानना नहीं जानते। इस बात को सच साबित किया है भारतीय छात्रा दिव्या बंसल ने, जिन्होंने लगातार 420 रिजेक्शन झेलने के बाद आखिरकार न्यूयॉर्क में अपनी ड्रीम जॉब हासिल कर ली।

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) से पढ़ाई पूरी करने वाली दिव्या ने अपने पहले ऑफिस डे का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने बताया कि एक इंटरनेशनल स्टूडेंट के लिए विदेश में नौकरी हासिल करना कितना चुनौतीपूर्ण होता है।

उन्होंने करीब 420 नौकरियों के लिए आवेदन किया, लेकिन सिर्फ तीन इंटरव्यू कॉल मिले। आखिरकार उन्हें दो कंपनियों से जॉब ऑफर मिले और ग्रेजुएशन के महज एक सप्ताह बाद उन्होंने अपनी नई नौकरी जॉइन कर ली।

420 रिजेक्शन के बाद न्यूयॉर्क में मिली नौकरी

हालांकि लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान उनकी नौकरी से ज्यादा उनकी सोच ने खींचा। दिव्या ने कहा कि यह नौकरी उनकी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जरूर है, लेकिन उनकी पूरी पहचान नहीं।

उन्होंने कहा कि काम उन्हें आगे बढ़ने, नई चीजें सीखने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद करेगा, लेकिन जिंदगी सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं हो सकती। उनका मानना है कि करियर के साथ-साथ अपनी पसंद, परिवार, दोस्तों और मानसिक संतुलन को भी बराबर महत्व देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह नौकरी के साथ डांस करेंगी, जिम जाएंगी, घर जैसा खाना बनाएंगी और अपने करीबी लोगों के साथ समय बिताना भी नहीं छोड़ेंगी। उनका मानना है कि जिंदगी को काम के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि काम को जिंदगी के संतुलन के साथ चलना चाहिए।

वायरल वीडियो बना लोगों के लिए मोटिवेशन

दिव्या का यह वायरल वीडियो हजारों लोगों को प्रेरित कर रहा है। खासकर इंटरनेशनल स्टूडेंट्स ने उनके संघर्ष और धैर्य की सराहना की है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि 420 रिजेक्शन के बाद भी हार न मानना ही सबसे बड़ी सफलता है।

वहीं कई प्रोफेशनल्स ने उनकी वर्क-लाइफ बैलेंस वाली सोच को सराहा और कहा कि करियर महत्वपूर्ण है, लेकिन इंसान की पहचान सिर्फ उसकी नौकरी नहीं होती। दिव्या की कहानी अब उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो लगातार असफलताओं के बावजूद अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहते।

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