

Indian Family in Shanghai : विदेश में रहना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च कितना भारी पड़ सकता है, इसका अंदाजा शंघाई में रहने वाली एक भारतीय महिला के वीडियो से लगाया जा सकता है। अदिति शर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपने चार सदस्यीय परिवार के मासिक खर्च का पूरा हिसाब बताया है।
अदिति अपने पति और दो बच्चों के साथ शंघाई में रहती हैं। उनके मुताबिक, परिवार का कुल मासिक खर्च करीब 64,900 चीनी युआन यानी लगभग 9.16 लाख रुपये बैठता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि यह उनके परिवार की निजी लाइफस्टाइल और खर्च का हिसाब है, इसे पूरे शंघाई की सामान्य लागत नहीं माना जाना चाहिए।
अदिति के मुताबिक, उनके परिवार का सबसे बड़ा खर्च घर का किराया और बच्चों की स्कूल फीस है। परिवार हर महीने घर के किराए पर करीब 25,000 युआन यानी 3.5 लाख रुपये खर्च करता है। वहीं, दोनों बच्चों की स्कूल फीस भी करीब 25,000 युआन यानी 3.5 लाख रुपये है।इस तरह सिर्फ घर और बच्चों की पढ़ाई पर ही करीब 7 लाख रुपये हर महीने खर्च हो जाते हैं।
इसके अलावा परिवार करीब 5,000 युआन यानी 70 हजार रुपये से ज्यादा किराने के सामान पर खर्च करता है। घरेलू मदद के लिए करीब 7,200 युआन यानी लगभग 1.02 लाख रुपये दिए जाते हैं। बाकी खर्चों में करीब 1,500 युआन यूटिलिटीज, 700 युआन पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कैब, जबकि बच्चों के मनोरंजन और एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज पर करीब 1,500 युआन खर्च होते हैं।
परिवार बाहर खाने और शॉपिंग पर भी लगभग 4,000 युआन यानी 56 हजार रुपये खर्च करता है। अदिति ने यह भी बताया कि उन्हें कोई एक्सपैट अलाउंस नहीं मिलता, हालांकि उनका मेडिकल इंश्योरेंस 100 फीसदी मेडिकल खर्च कवर करता है। उनके घर में काम करने वाली महिला, जिसे चीन में Ayi कहा जाता है, की फीस करीब 50 युआन प्रति घंटे है।
अदिति के वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर शंघाई में रहने की लागत को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने खास तौर पर किराए और इंटरनेशनल स्कूलों की फीस को बेहद महंगा बताया, जबकि कुछ लोगों ने चीन के दूसरे शहरों से इसकी तुलना की।
कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि अगर कंपनी घर और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाए तो चीन में विदेशी कर्मचारियों के लिए तस्वीर काफी अलग हो सकती है। अदिति ने दोहराया कि उनका बताया खर्च उनके परिवार की व्यक्तिगत स्थिति पर आधारित है और इसे शंघाई में रहने वाले हर परिवार के लिए सामान्य आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।