वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Tau Sanjay Pehalwan : हरियाणा की मिट्टी को यूं ही पहलवानों की धरती नहीं कहा जाता। इस बार सोनीपत के गांव जठेड़ी के 55 वर्षीय संजय, जिन्हें लोग प्यार से ताऊ संजय उर्फ काला पहलवान कहते हैं, ने अपनी शानदार उपलब्धि से सभी का ध्यान खींच लिया है।
उन्होंने दिल्ली में आयोजित 42 किलोमीटर मैराथन में गोल्ड मेडल जीतकर यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। उनकी जीत के बाद गांव और इलाके में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी हरियाणा मैराथन रनर और 42 km दिल्ली मैराथन जैसे कीवर्ड तेजी से सर्च किए जा रहे हैं।
ताऊ संजय की सबसे खास बात उनका देसी अंदाज है। वे किसी महंगे जिम या आधुनिक मशीनों का सहारा नहीं लेते। घर में मौजूद देसी सामान से ही रोजाना 3 से 4 घंटे तक कड़ी मेहनत करते हैं। उनकी डाइट भी पूरी तरह सादा और संतुलित है।
वे बताते हैं कि बचपन में पहलवान बनने का सपना था, लेकिन पारिवारिक हालात की वजह से वह सपना अधूरा रह गया। जब वे अपने बेटे को अखाड़े में ले जाने लगे, तो उनका पुराना जुनून फिर से जाग उठा। यहीं से उन्होंने अपनी फिटनेस पर गंभीरता से काम करना शुरू किया और आज नतीजा सबके सामने है।
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दिल्ली मैराथन में गोल्ड जीतने के बाद अब उनका अगला लक्ष्य 100 किलोमीटर की रेस जीतना है। उनका कहना है कि अगर दिल में जुनून और मेहनत करने का जज्बा हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
उनकी कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो उम्र या परिस्थितियों को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। ताऊ संजय ने दिखा दिया कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर सपना पूरा किया जा सकता है।