अर्धनग्न होकर डांस कर रहे शख्स का वीडियो BJP विधायक का बताकर वायरल, पड़ताल में दावा गलत निकला

BJP MLA Viral Claim सोशल मीडिया पर महिला के साथ डांस करते एक अर्द्धनग्न शख्स का वीडियो वायरल, जिसे यूजर्स बीजेपी विधायक अनिल उपाध्याय बता रहे हैं। फैक्ट-चेक में दावा फर्जी निकला।
The viral dance video shared as “BJP MLA Anil Upadhyay” is fake — no such MLA exists, and the clip has been circulating for years with false claims.
वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट (सोर्स - सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Fake Video : सोशल मीडिया पर एक डांस वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स अर्धनग्न अवस्था में एक महिला के साथ डांस करता दिख रहा है। कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो बीजेपी विधायक अनिल उपाध्याय का है।

लोगों ने इसे फेसबुक और एक्स पर बड़ी संख्या में शेयर किया है, जिससे कई यूजर्स यह मान बैठे कि यह सच है। लेकिन पड़ताल में पता चला कि यह दावा पूरी तरह गलत है। वायरल वीडियो न केवल पुराना है, बल्कि इसमें दिख रहे व्यक्ति का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

वायरल वीडियो का सच

पड़ताल की शुरुआत में हमने “बीजेपी विधायक अनिल उपाध्याय” नाम सर्च किया। गूगल, न्यूज आर्टिकल्स, एडीआर की MyNeta वेबसाइट जैसी विश्वसनीय जगहों पर खोजने के बाद भी ऐसे किसी बीजेपी विधायक अनिल उपाध्याय का नाम नहीं मिला। लिंक...

My Neta वेबसाइट का स्क्रीनशॉट।
My Neta वेबसाइट का स्क्रीनशॉट।

इससे साफ हो गया कि अनिल उपाध्याय नाम से कोई भी बीजेपी विधायक कभी रहा ही नहीं। यानी जिस नाम से वीडियो वायरल किया जा रहा है, वह वास्तविक नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर गढ़ा गया एक काल्पनिक नाम है।

पहले भी अलग-अलग नाम से वीडियो हुआ था वायरल

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यह वीडियो नए चुनावी माहौल का नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से अलग-अलग दावों के साथ वायरल होता रहा है। 2019 में इसी वीडियो को बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी का बताया गया था।

कभी किसी कांग्रेस नेता का, कभी किसी पार्षद का, तो कभी किसी आरोपी शिक्षक का वीडियो बताकर इसे कई बार शेयर किया गया। हर बार नाम बदला, दावा बदला, लेकिन वीडियो वही रहा। इससे साफ है कि यह क्लिप सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने के लिए बार-बार इस्तेमाल होती है।

वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है

फैक्ट-चेक के नतीजे से बिल्कुल साफ है कि यह वीडियो पुराना है, गलत दावों के साथ शेयर किया गया है, और अनिल उपाध्याय नाम का कोई विधायक मौजूद नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर फैल रहे इस दावे पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।

ऐसी गलत पोस्टें न केवल लोगों को गुमराह करती हैं, बल्कि किसी भी असंबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यूजर्स से अपील है कि किसी भी वीडियो या दावे को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com