20 साल से राहगीरों को मुफ्त पानी पिला रहे धनाराम, रेगिस्तान की गर्मी में बन गए इंसानियत की मिसाल
Dhanaram Humanity Story : राजस्थान के बाड़मेर में रहने वाले धनाराम पिछले 20 वर्षों से भीषण गर्मी में राहगीरों को मुफ्त पानी पिला रहे हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Free Water in Rajasthan Desert : राजस्थान के बाड़मेर जिले से इंसानियत और सेवा की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। थार रेगिस्तान के नजदीक रहने वाले धनाराम पिछले 20 वर्षों से भीषण गर्मी में राहगीरों को मुफ्त पानी पिलाने का काम कर रहे हैं।
जहां एक ओर रेगिस्तानी इलाकों में पीने का पानी खुद एक बड़ी चुनौती होता है, वहीं धनाराम और उनकी पत्नी बिना किसी स्वार्थ के यात्रियों की प्यास बुझाने में जुटे हुए हैं। उनकी यह सेवा अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
20 साल से राहगीरों को मुफ्त पानी पिला रहे धनाराम
वायरल वीडियो में धनाराम और उनकी पत्नी हाथों में पानी से भरी बाल्टियां लेकर सड़क किनारे खड़े नजर आते हैं। जैसे ही बस वहां रुकती है, दोनों यात्रियों को पानी पिलाने लगते हैं। बस के रवाना होने के बाद वे खाली बोतलें और बर्तन लेकर वापस घर लौट जाते हैं और अगली बस का इंतजार करते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सिलसिला पिछले दो दशकों से लगातार जारी है। धनाराम का मानना है कि किसी प्यासे को पानी पिलाने से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। उनका कहना है, “जब तक सांस है, तब तक सेवा है।” यही सोच उन्हें हर दिन इस नेक काम के लिए प्रेरित करती है।
ये खबर भी पढ़ें : IPL फाइनल में चोरी हुआ विदेशी फैन का iPhone, अलीगढ़ पुलिस ने ढूंढकर लौटाया; विदेशी यूट्यूबर बोला- धन्यवाद
लोगों ने धनाराम के लिए सम्मान और पुरस्कार की मांग की
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस कहानी को देखकर लोग धनाराम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उनकी सेवा को तपस्या बताया है, तो कुछ लोगों ने उनके लिए सम्मान और पुरस्कार की मांग भी की है। लोगों का कहना है कि आज के दौर में 20 साल तक बिना किसी लाभ के समाज की सेवा करना बेहद दुर्लभ है।
धनाराम की यह कहानी न केवल इंसानियत का संदेश देती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि छोटे-छोटे अच्छे काम किसी के जीवन में बड़ी राहत बन सकते हैं। रेगिस्तान की तपती गर्मी में उनकी यह सेवा सचमुच अमृत समान मानी जा रही है।
