

Indian Healthcare System : भारत घूमने आए एक अमेरिकी नागरिक का ओडिशा के ग्रामीण सरकारी अस्पताल में इलाज हुआ, जिसके बाद उन्होंने अपने अनुभव का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय फिल्ममेकर माइक ने बताया कि वह सिर्फ पांच दिनों के लिए भारत आए थे और ओडिशा की यात्रा के दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई।
उन्हें करीब 12 घंटे तक हर 15 मिनट में उल्टी हो रही थी, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। माइक ने अस्पताल के बिस्तर से ही वीडियो बनाकर अपनी स्थिति बताई। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें IV फ्लूइड, मतली रोकने वाली दवाइयां और इंजेक्शन दिए। अस्पताल का माहौल और वहां लिखी भाषा उनके लिए बिल्कुल अलग थी, लेकिन इलाज मिलने के बाद वह ठीक हो गए।
इंस्टाग्राम पर @mikenoonevisuals हैंडल से शेयर किए गए वीडियो में माइक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी तबीयत खराब होने की वजह फूड पॉइजनिंग नहीं थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि ओडिशा का खाना इतना स्वादिष्ट था कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया और उसका नतीजा उन्हें भुगतना पड़ा।
माइक ने अपने अनुभव को भारत के खिलाफ रूढ़िवादी धारणा बनाने से भी अलग बताया। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान उन्हें कई इंजेक्शन और IV फ्लूइड दिया गया, लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें तब हुई जब अस्पताल ने इलाज के लिए उनसे कोई पैसा नहीं लिया।
माइक ने भारत के सरकारी अस्पताल में मिले इलाज की तुलना अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था से करते हुए कहा कि अमेरिका में IV फ्लूइड, मतली रोकने वाली दवाइयों और इंजेक्शन जैसी सुविधाओं का खर्च आसानी से हजारों डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके विपरीत, भारत में उनका इलाज बिना किसी शुल्क के किया गया।
उनका यह अनुभव सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और वीडियो को 4.65 लाख से अधिक बार देखा गया। यूजर्स ने भी माइक के अनुभव पर प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने मुफ्त स्वास्थ्य सेवा की तारीफ की, जबकि अन्य ने उन्हें भारत में यात्रा के दौरान स्थानीय और हल्का भोजन करने की सलाह दी।
एक यूजर ने ओडिशा में उनका स्वागत करते हुए कहा कि दवाइयों पर भी उन्हें बहुत कम खर्च करना पड़ सकता है। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की लागत और उपलब्धता अस्पताल, उपचार और मरीज की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।