12 घंटे की वर्किंग लाइफ से टूटा 22 साल का CMO, 2.7 करोड़ की सैलरी छोड़ सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
Work Life Balance : अमेरिका के एक AI स्टार्टअप में 22 साल के CMO ने 12 घंटे की वर्किंग लाइफ से परेशान होकर 2.7 करोड़ रुपये की नौकरी छोड़ दी। उनका फैसला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Startup Work Culture : स्टार्टअप की तेज रफ्तार दुनिया में अक्सर यही सिखाया जाता है कि जितना ज्यादा काम, उतनी बड़ी सफलता। लेकिन अमेरिका से सामने आई एक कहानी ने इस सोच पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अमेरिका के एक एआई स्टार्टअप में काम कर रहे 22 साल के एक युवा एग्जीक्यूटिव ने 12 घंटे की वर्किंग लाइफ से परेशान होकर करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़ दी। उनका यह फैसला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह मामला अमेरिका के AI स्टार्टअप Cluely से जुड़ा है, जहां डैनियल मिन नाम के युवक ने चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के पद से इस्तीफा दे दिया। डैनियल का कहना है कि लगातार लंबे समय तक काम करने से उनकी निजी जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो रही थी।
सालाना 3 लाख डॉलर से ज्यादा, फिर भी छोड़ी जॉब
डैनियल मिन ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में बताया कि उन्हें सालाना 3 लाख डॉलर से ज्यादा, यानी करीब 2.7 करोड़ रुपये की सैलरी मिल रही थी। इसके बावजूद वह अपनी जिंदगी के अहम पल खोते जा रहे थे। दोस्तों के साथ खाना, परिवार के साथ समय बिताना और यहां तक कि अपने छोटे भाई के जन्मदिन पर उसे सरप्राइज देने का मौका भी उनसे छूट गया।
डैनियल बताते हैं कि 21 साल की उम्र में उन्हें लगता था कि दिन-रात काम करना ही सफलता का सही रास्ता है। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि वह जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियों से कटते जा रहे हैं।
डैनियल मई 2025 में क्लूली से जुड़े थे, उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 21 साल थी। उन्होंने हाल ही में The Wharton School से मार्केटिंग और ऑपरेशंस मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की थी। शुरुआत में काम उन्हें बेहद रोमांचक लगा, लेकिन कुछ ही महीनों में वही रूटीन और दबाव बोझ बनने लगा।
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एक जगह टिके रहने का नाम जिंदगी नहीं
डैनियल ने बताया कि जब उन्होंने कंपनी के सीईओ रॉय ली से अपने मन की बात साझा की, तो वह खुद को रोक नहीं पाए और रो पड़े। उन्होंने कहा कि सीईओ ने उन्हें पूरा समर्थन दिया और अपनी खुशी को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
आखिर में डैनियल मिन ने कहा कि क्लूली उनके लिए सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि एक परिवार जैसा था, लेकिन उन्हें समझ आ गया कि यह वह सीढ़ी नहीं थी, जिस पर वह अपनी पूरी जिंदगी चढ़ना चाहते थे।
