80 साल की उम्र में रोज 16 घंटे चलाते हैं टैक्सी, बुजुर्ग ड्राइवर की कहानी ने लोगों को कर दिया भावुक

80 Years Old Taxi Driver : कोलकाता के 80 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर रवींद्रनाथ सरकार की संघर्षभरी जिंदगी लोगों का दिल छू रही है। 52 साल से टैक्सी चला रहे बुजुर्ग की मदद के लिए लोग आगे आए।
An 80-year-old Kolkata taxi driver's inspiring struggle has moved social media users, who are now stepping forward to help him.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Elderly Taxi Driver Inspirational Story : सोशल मीडिया पर इन दिनों कोलकाता के एक 80 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर की कहानी लाखों लोगों का दिल छू रही है। जिस उम्र में ज्यादातर लोग आराम की जिंदगी बिताते हैं, उस उम्र में रवींद्रनाथ सरकार हर दिन करीब 16 घंटे टैक्सी चलाकर अपनी और अपनी पत्नी की जिंदगी का गुजारा कर रहे हैं। उनकी संघर्षभरी कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग भावुक हो गए हैं और बड़ी संख्या में उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

80 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर का वीडियो वायरल

इस कहानी को डिजिटल कंटेंट क्रिएटर चैताली बोस ने इंस्टाग्राम पर साझा किया। वीडियो में उन्होंने रवींद्रनाथ सरकार की दिनचर्या और उनकी आर्थिक परेशानियों को दिखाया। वीडियो के मुताबिक, रवींद्रनाथ सरकार रोज सुबह 6 बजे किराए की टैक्सी लेकर काम पर निकलते हैं और रात 10 से 11 बजे के बीच घर लौटते हैं।

वह पिछले 52 वर्षों से टैक्सी चला रहे हैं। टैक्सी उनकी अपनी नहीं है, इसलिए उन्हें हर दिन वाहन का तय किराया देना पड़ता है। इसके अलावा ईंधन का खर्च भी खुद उठाना पड़ता है। इन सभी खर्चों के बाद उनके पास इतनी ही कमाई बचती है कि कई बार वह अपनी दवाइयां तक नहीं खरीद पाते।

80 साल की उम्र में रोज 16 घंटे चलाते हैं टैक्सी

रवींद्रनाथ सरकार अपनी 77 वर्षीय पत्नी के साथ कोलकाता के दमदम इलाके के पास एक छोटे से घर में रहते हैं। दंपति की कोई संतान नहीं है। उनका घर भी काफी जर्जर हालत में है। टीन की छत और एस्बेस्टस की चादरें टूट चुकी हैं, जिससे बारिश के दौरान घर में पानी टपकता है। यहां तक कि खिड़कियों की मरम्मत कराने तक के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं।

वीडियो में रवींद्रनाथ सरकार को टैक्सी चलाते हुए देखा जा सकता है, जहां उम्र और कमजोर स्वास्थ्य का असर साफ नजर आता है। उनके हाथ कांपते हैं और सांस लेने में भी तकलीफ होती है। इसके बावजूद जब कोई यात्री किराया पूछता है तो वह अक्सर कहते हैं, "आपको जितना ठीक लगे, उतना दे दीजिए।"

बुजुर्ग ड्राइवर की कहानी ने लोगों को किया भावुक

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी ईमानदारी और मेहनत की जमकर तारीफ की। कई यूजर्स ने उनकी दवाइयों का खर्च उठाने की इच्छा जताई, जबकि कुछ लोगों ने आर्थिक मदद भेजने की कोशिश भी की। कई लोगों ने लिखा कि ऐसे लोग कभी भीख नहीं मांगते, बल्कि मेहनत से सम्मानपूर्वक जीवन जीना पसंद करते हैं।

वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया कि मदद के लिए साझा किए गए बैंक खाते में पैसे भेजने की कोशिश की, लेकिन भुगतान सीमा पूरी हो चुकी थी। यह देखकर लोगों ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि बड़ी संख्या में लोग इस बुजुर्ग ड्राइवर की मदद के लिए आगे आए हैं। रवींद्रनाथ सरकार की यह कहानी आज लाखों लोगों के लिए संघर्ष, आत्मसम्मान और मेहनत की मिसाल बन गई है।

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