मौसम की मार से कांपा उत्तराखंड! रुक गई चारधाम यात्रा; इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रशासन ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। कई नदियां खतरे के निशान के करीब हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
उत्तराखंड में मौसम ने बढ़ाईं मुश्किलें, (AI मॉडिफाइड फोटो)
Char Dham Yatra Suspended: उत्तराखंड में कुदरत का कहर जारी है मूसलाधार बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा राज्य के आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इस चेतावनी के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 29 जुलाई को चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। वहीं, पहाड़ों से गिरते मलबे और बोल्डरों के कारण प्रदेश की 111 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
चारधाम यात्रा पर लगा ब्रेक
प्रदेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ-बद्रीनाथ , गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। मौसम सामान्य होने और मार्गों से मलबा हटाकर उन्हें सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा फिर से शुरू की जाएगी।
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24 घंटे में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के कई हिस्सों में बादल फटने जैसी बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे ज्यादा असर देहरादून में देखा गया, जहां मालदेवता क्षेत्र में 233 मिमी और मुख्य शहर में 194.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा मसूरी में 163 मिमी और ऊखीमठ में 120 मिमी पानी बरसा है।
भारी वर्षा के कारण मंदाकिनी और अलकनंदा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई हैं, जिससे नदी तट पर रहने वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
सड़कों का बुरा हाल, प्रशासन हाई अलर्ट पर
पहाड़ों में लैंडस्लाइड की वजह से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, वर्तमान में 3 नेशनल हाईवे और 6 स्टेट हाईवे समेत कुल 111 सड़कें बंद हैं। अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में संपर्क मार्ग टूटने से कई गांव अलग-थलग पड़ गए हैं।
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स्थिति पर पल-पल की नजर
मुख्यमंत्री कार्यालय और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर पल-पल की नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में SDRF) और आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों को बेहद संवेदनशील बताते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
