Delhi To Tungnath Trip: ट्रैफिक से बचकर ऐसे करें स्मार्ट ट्रिप प्लान, चंद्रशिला ट्रेक बना देगा सफर यादगार
Delhi to Chopta Route: दिल्ली-एनसीआर से तुंगनाथ और चंद्रशिला ट्रेक का प्लान बना रहे हैं, तो ये ट्रैवल टिप्स आपके सफर को आसान और आरामदायक बना सकते हैं।
- Written By: यति सिंह
तुंगनाथ मंदिर( फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Tungnath Travel Guide: अगर आप दिल्ली-एनसीआर से हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी हो सकती है। जैसे-जैसे गर्मी का मौसम बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे पहाड़ों पर पर्यटकों की भीड़ भी तेजी से बढ़ने लगी है। ऐसे में उत्तराखंड का तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक लोगों के बीच सबसे पसंदीदा ट्रेक बनकर उभर रहा है। महादेव का तुंगनाथ मंदिर समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है और इसे दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है। यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ट्रेकिंग प्रेमी यहां पहुंचते हैं। तुंगनाथ मंदिर पंच केदारों में से एक प्रमुख मंदिर भी माना जाता है।
गर्मी के मौसम में दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। हालांकि लंबा ट्रैफिक जाम, भीड़ और घंटों का सफर कई बार पूरी ट्रिप का मजा खराब कर देता है। ऐसे में अगर सही प्लानिंग और सही समय के साथ यात्रा की जाए, तो यह ट्रिप बेहद यादगार बन सकती है। यहां हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स बता रहे हैं, जिनकी मदद से आपका सफर काफी आसान और आरामदायक हो सकता है।
नाइट ट्रैवल करें, ट्रैफिक से बचें
तुंगनाथ जाने वाले पर्यटक अगर अपनी यात्रा की शुरुआत रात में करें, तो ट्रैफिक की परेशानी से काफी हद तक बच सकते हैं। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो रात 9 बजे से 11 बजे के बीच निकलना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। इससे आप सुबह तक हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को आसानी से पार कर सकते हैं।
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दिल्ली के आनंद विहार से उत्तराखंड के लिए कई बस सेवाएं उपलब्ध हैं। आप बस या ट्रेन के जरिए हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंच सकते हैं। इसके बाद उखीमठ या सीधे चोपता के लिए उत्तराखंड परिवहन की बस या शेयरिंग टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
वीकडे पर ट्रिप प्लान करना बेहतर विकल्प
अगर आप भीड़भाड़ और लंबे ट्रैफिक जाम से बचना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि अपनी यात्रा वीकेंड की बजाय वीकडे पर प्लान करें। शुक्रवार रात और शनिवार को इस रूट पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में सोमवार से गुरुवार के बीच यात्रा करना ज्यादा आरामदायक हो सकता है।
इसके अलावा आप हवाई मार्ग का विकल्प भी चुन सकते हैं। दिल्ली से देहरादून के लिए फ्लाइट लेकर आप अपनी यात्रा को और आसान बना सकते हैं। देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट चोपता से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित है, जहां से टैक्सी के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है।
चोपता से शुरू होगा खूबसूरत नजारा
तुंगनाथ और चंद्रशिला ट्रेक की शुरुआत चोपता गांव से होती है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। चोपता से करीब 1.5 किलोमीटर का ट्रेक तुंगनाथ मंदिर तक जाता है और इसके बाद चंद्रशिला का रास्ता शुरू होता है।
यहां से हिमालय के बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं, जो पर्यटकों के सफर को खास बना देते हैं। हालांकि कई जगह सड़कें काफी संकरी हैं, इसलिए अगर आप निजी वाहन से यात्रा कर रहे हैं, तो ड्राइविंग और स्पीड का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
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सही समय का चुनाव बनाएगा सफर आसान
उत्तराखंड की यात्रा के लिए सही समय का चुनाव बेहद जरूरी माना जाता है। तुंगनाथ और चंद्रशिला घूमने के लिए अप्रैल से जून के बीच का समय सबसे बेहतर माना जाता है। इस दौरान मौसम साफ और सुहावना रहता है, जिससे ट्रेकिंग का मजा दोगुना हो जाता है।
मानसून के समय यहां यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि बारिश की वजह से रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। वहीं गर्मियों में यहां का तापमान संतुलित रहता है, जिसकी वजह से ट्रेकिंग के दौरान ज्यादा परेशानी नहीं होती। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक इस समय तुंगनाथ और चंद्रशिला का रुख करते हैं।
