सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्राचीन मां पूर्णागिरि मंदिर के जीर्णोद्धार का किया शिलान्यास
खटीमा में स्थित प्राचीन मां पूर्णागिरि मंदिर को शक्तिपीठ माना जाता है जो 108 सिद्ध पीठों में से एक है। यह मंदिर टनकपुर से लगभग 17 किमी की दूरी पर स्थित है।
- Written By: रीना पंवार
(फोटो सोर्स एएनआई)
उधम सिंह नगर : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा के ग्राम नगला तराई में प्राचीन मां पूर्णागिरि मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास किया। इस निर्माण कार्य में 2.54 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्माण कार्य न केवल इस प्राचीन मंदिर की भव्यता को बढ़ाएगा बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में भी विशेष भूमिका निभाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस मंदिर को शक्तिपीठ माना जाता है जो 108 सिद्ध पीठों में से एक है। यह मंदिर टनकपुर से लगभग 17 किमी की दूरी पर स्थित है।
अन्नपूर्णा चोटी पर स्थित यह मंदिर
पूर्णागिरी मंदिर, समुद्र तल से 3000 मीटर की ऊंचाई पर अन्नपूर्णा चोटी पर स्थित है। यह मंदिर उत्तराखंड के टनकपुर से लगभग 17 किमी दूर है। मंदिर को शक्तिपीठ माना जाता है और यह 108 सिद्ध पीठों में से एक है। ऐसा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जहां यहा मंदिर है उसी स्थान पर माता सती की नाभि गिरी थी।
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चैत्र नवरात्रि में लगता है विशाल मेला
बताया जाता है कि गुजरात के एक व्यापारी ने सबसे पहले इस मंदिर का निर्माण करवाया था। तब से लेकर आज तक हर साल इस मंदिर में भारी संख्या में लोग मां के दर्शनों के लिए आते हैं। चैत्र नवरात्रि में विशेष रूप से श्रद्धालु मां पूर्णागिरि मंदिर में दर्शनों के लिए आते हैं। इस दौरान यहां एक मेला भी आयोजित किया जाता है। इस मौके पर यहां आने वालों की संख्या लाखों में होती है। मंदिर में दर्शन करने के लिए उत्तराखंड राज्य के अलावा पूरे देश से श्रद्धालु यहां आते हैं। इस मंदिर से जुड़ी हुई कई चमत्कारिक कथाएं भी प्रचलित हैं।
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