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चार धाम यात्रा अब अंतिम चरण में पहुंच रहा है
छह मिलियन से अधिक तीर्थयात्री कर चुके हैं दर्शन
19 अप्रैल को यात्रा शुरू की गई थी
Char Dham Yatra: चार धाम यात्रा को लेकर अधिकारियों ने बताया कि चार धाम यात्रा अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है और इस सीजन में अब तक छह मिलियन से अधिक तीर्थयात्री हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं। मंगलवार शाम तक कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 6,031,017 रही।
पिछले साल 50 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने चार धामों के दर्शन किए थे, जबकि 2023 में 56 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने चारों धामों का दर्शन किया। 19 अप्रैल को शुरू हुई यह यात्रा 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए समाप्त हो जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस मौसम में बद्रीनाथ धाम सबसे अधिक दर्शनीय तीर्थस्थल रहा, जहां 2,069,866 तीर्थयात्री पहुंचे, जबकि केदारनाथ धाम 1,775,059 तीर्थयात्रियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
उत्तरकाशी जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन चार धाम यात्रा की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। देवी गंगा के मुखबा और देवी यमुना के खरसाली स्थित अपने शीतकालीन निवासों में पहुंचने के बाद, तीर्थयात्री वहां से अपनी तीर्थयात्रा जारी रख सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों को तीर्थयात्रियों की सुविधा और पूरे मौसम में सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
केदारनाथ के कपाट बंद होने और देवी के उखीमठ स्थित शीतकालीन निवास पर पहुंचने के बाद शीतकालीन चार धाम यात्रा शुरू होगी।
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 60 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या उत्तराखंड के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास को दर्शाती है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यात्रा मार्गों पर सड़क, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
इस साल चारधाम यात्रा की शुरूआत 19 अप्रैल 2026 को हुआ थी। यात्रा सीजन के दौरान मानसून में भी तीर्थयात्रा का संचालन जारी रहा। हालांकि बीच में आपदा के वजह से लोग प्रभावित हुए लेकिन प्रशासन की मदद यात्रा को जारी रखा गया। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच प्रशासन यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं को मुहैया करवाया।