'मुझे हटाने की सुपारी दी', योगी सरकार में मोदी के करीबी मंत्री ने मचाया बवाल!

AK Sharma Statement: यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट करते हुए यह दावा किया उनको हटाने की सुपारी लेने वालों में विद्युत कर्मचारी के वेश में कुछ अराजक तत्व भी शामिल हैं।
Yogi Adityanath and AK Sharma
योगी आदित्यनाथ (डिजाइन फोटो)
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AK Sharma: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में शामिल ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने के एक दावे ने सूबे के सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी है। उन्होंने कहा है कि कुछ लोगों ने उन्हें ऊर्जा मंत्री पद से हटाने की सुपारी दी है।

उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग में अफसरों के साथ चल रहे संघर्ष के कारण शर्मा वैसे भी पिछले कुछ दिनों से चर्चा में हैं। उन्होंने साफ तौर पर उन 'चुनिंदा नेताओं' को चेतावनी दे दी थी कि कोई इस भरोसे न रहे कि कोई भी 'दिल्ली' से बचाने आएगा।

अन्य विभागों में हड़ताल क्यों नहीं हो रही?

मंत्री ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट करते हुए यह दावा किया उनको हटाने की सुपारी लेने वालों में विद्युत कर्मचारी के वेश में कुछ अराजक तत्व भी शामिल हैं। सोमवार को ही शर्मा के दफ्तर प्रेस रिलीज में ही गंभीर सवाल किया कि यूपी के अन्य सरकारी विभागों में हड़ताल क्यों नहीं हो रही? वहां यूनियन नहीं हैं क्या? वहां समस्या या मुद्दे नहीं हैं क्या?

शर्मा के बयान में उठाए गए बड़े सवाल

1. जब 2010 में टोरेंट कंपनी को निजीकरण करके आगरा दिया गया तब भी तुम लोग यूनियन लीडर थे। कैसे हो गया यह निजीकरण? एक्स पोस्ट में लिखा गया है कि सुना है वो शांति से इसलिए हो गया कि ये बड़े कर्मचारी नेता लोग हवाई जहाज़ से विदेश पर्यटन पर चले गए थे।

2. दूसरा प्रश्न यह है कि जब तुम लोग सारी बातें बारीकी से जानते हो तो यह भी जानते ही होगे कि निजीकरण का इतना बड़ा निर्णय अकेला एके शर्मा का नहीं हो सकता। जब एक JE तक का ट्रांसफ़र ऊर्जा मंत्री नहीं करता, जब UPPCL प्रबंधन की सामान्य कार्यशैली स्वतंत्र है तो इतना बड़ा निर्णय कैसे ऊर्जा मंत्री अकेले कर सकता है?

3. तुम यह भी जानते हो कि वर्तमान में यह पूरा निर्णय चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनाई गई टास्क फोर्स ले रही है। उसके तहत ही सारी कार्यवाही हो रही है।

4. तुम लोग पूरी तरह जानते हो कि राज्य सरकार की उच्चस्तरीय अनुमति से ही औपचारिक शासनादेश हुआ है निजीकरण का।

असहाय होते जा रहे एके शर्मा!

राजनीतिक रूप से दिल्ली में मजबूत पकड़ रखने वाले शर्मा इन दिनों असहाय महसूस कर रहे हैं। बिजली मंत्री के रूप में शर्मा के तीन वर्ष के कार्यकाल में ये लोग चार बार हड़ताल कर चुके हैं। कहा जा रहा है कि योगी सरकार में कुछ बड़े अफसर भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।

हैरत की बात है कि दो दशक से ज्यादा समय तक अफसरशाही में वरिष्ठ पदों पर रहे शर्मा ने खुलेआम यह कहा कि 'लगता है कि एके शर्मा से जलने वाले सभी लोग इकट्ठे हो गए हैं। लेकिन ईश्वर और जनता शर्मा के साथ हैं। उनकी भावना बिजली की बेहतर व्यवस्था सहित जनता की बेहतर सेवा करने की है। और कुछ नहीं।'

रिपोर्ट- राजेश मिश्र

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