UP में योगी मंत्रिमंडल का विस्तार, भूपेन्द्र चौधरी समेत 6 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए आज बड़ा दिन है। योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार हुआ है। इस विस्‍तार के दौरान छह नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
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UP में योगी मंत्रिमंडल का विस्तार (Image- Social Media)
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UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए आज बड़ा दिन है। योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार हुआ है। इस विस्‍तार के दौरान छह नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। जन भवन में राज्यपाल ने नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। इस विस्‍तार में 8 नेताओं को जगह मिली है। ऐसा बताया जा रहा है कि कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों को भी बदला जा सकता है।

बता दें कि पार्टी के नेताओं का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक संतुलन को मजबूत करना बहुत जरूरी है। इसी वजह से इस बार कैबिनेट विस्‍तार में नए चेहरों को जगह दी गई है। ऐसा माना जा रहा है कि इन नेताओं को शामिल कर भाजपा विपक्ष के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

इन नेताओं को मिला जगह

भूपेंद्र सिंह चौधरी: बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जाट चेहरों में से एक माने जाते हैं। भूपेंद्र चौधरी मुरादाबाद के ही रहने वाले हैं। लंबे समय से संघ और भाजपा में सक्रिय हैं। बता दें कि 2016 में पहली बार विधान परिषद सदस्य (MLC) बने और अभी भी MLC हैं। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद पंचायती राज राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने और 2019 में प्रमोट करके पंचायती राज का कैबिनेट मंत्री बनाया गया।

मनोज पांडे: ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं और 2012-17 तक सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी थे। वह 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए और विधानसभा में सपा के चीफ व्हिप भी रह चुके हैं। मनोज पांडे अवध और पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण नेताओं में एक माने जाते हैं।

कृष्णा पासवान: फतेहपुर की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। आंगनवाड़ी वर्कर के तौर पर जिंदगी शुरू करने वाली कृष्णा पासवान की गिनती जिले के बड़े दलित नेताओं में की जाती है। वो 4 बार विधायक और दो बार जिला पंचायत सदस्य भी रह चुकी हैं। उनको UP BJP का भरोसेमंद महिला चेहरा माना जाता है।

सुरेंद्र दिलेर: अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से MLA हैं। ये BJP के जाने-माने दलित युवा नेताओं में से एक हैं। हाथरस से BJP के पुराने MP राजवीर सिंह दिलेर के बेटे भी हैं। उनके दादा किशन लाल दिलेर 6 बार विधायक और 4 बार MP रह चुके हैं। उनके पिता राजवीर सिंह दिलेर भी एक बार MP और एक बार MLA रह चुके हैं।

हंसराज विश्वकर्मा: BJP से लेजिस्लेटिव काउंसिल मेंबर (MLC) हैं। पिछड़े वर्ग की राजनीति में मज़बूत पकड़ मानी जाती है। हंसराज विश्वकर्मा पिछले 34 सालों से राजनीति में एक्टिव हैं। उन्होंने 1989 में बूथ लेवल से अपना सफ़र शुरू किया था और राम मंदिर आंदोलन में भी एक्टिव रोल निभाया था। 2019 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनावों में वाराणसी में BJP की बड़ी जीत में उनका अहम योगदान है।

कैलाश सिंह राजपूत: 1996 में तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा के टुकट पर पर जीते। उसके बाद 2007 में BSP के टिकट पर चुनाव लड़े और फिर जीते। 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से पहले BJP में शामिल हुए और जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2022 में भी उन्होंने कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है।

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