

Protest in Lucknow Ayatollah Ali Khamenei Death: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 1 मार्च 2026 को संयुक्त अमेरिकी‑इजरायली हवाई हमलों में मौत को लेकर दुनियाभप में हाहाकार मचा हुआ है। संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए इन हमलों के बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि की है और देशभर में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है, साथ ही कई सार्वजनिक छुट्टियां भी घोषित हुई हैं।
इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रियाएं और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। खासकर शिया मुस्लिम समुदाय में शोक के साथ साथ अमेरिका और इजराइल के प्रति गहरा गुस्सा देखा जा रहा है। भारत के कुछ हिस्सों में भी खामेनेई की मौत पर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जिसमें जिन्दा व्यक्ति की मौत के विरोध में लोगों का गुस्सा और भावनात्मक प्रतिक्रिया दोनों शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को खामेनेई की मौत की खबर के बाद कई महिलाओं ने सड़कों पर आकर जमकर रोते हुए और भावुक होकर विरोध जताया। कुछ महिलाओं ने मीडिया के सामने कहा कि “जिन लोगों के दिल में गद्दारी है, जिन्होंने खामेनेई को धोखे से मारा।”
उनका कहना था कि खामेनेई हमेशा उनके लिए “शेर” रहे हैं और एक खामेनेई के मरने पर हजारों खामेनेई पैदा होंगे। कई महिलाएं अमेरिका और इजराइल को धोखेबाज और गद्दार बताते हुए उन पर लानत भी भेज रही थीं।
लखनऊ के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर इमामबाड़ा और घंटाघर के आसपास, प्रदर्शनकारी पुरुष, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए। विरोध प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजराइल मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनों में शामिल लोगों ने खामेनेई की मौत पर अपना गहरा दुख जताया और संयुक्त हमलों को कड़ा विरोध किया।
अली खामेनेई की मौत की खबर न केवल मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ा रही है, बल्कि भारत जैसे देशों में भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है, जहां भावनात्मक और राजनैतिक प्रतिक्रियाएं उभर रही हैं। इसके अलावा लखनऊ के बड़े शिया धर्मगुरु ने लोगों इसके विरोध में अपने घरों से बाहर काले झंड़े लगाने और शोकसभा आयोजित करने की अपील की है।