Varanasi Student Murder Case Investigation: वाराणसी में एमएससी की पढ़ाई और NEET की तैयारी कर रही छात्रा की निर्मम हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा की मौत गला काटने से हुई, जबकि उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए गए थे। शव मिलने के समय छात्रा के दोनों पैर बंधे हुए थे और डॉक्टरों ने यौन शोषण की आशंका भी जताई है।
इसकी पुष्टि के लिए नमूने फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। पुलिस अब हत्या के साथ दुष्कर्म के एंगल की भी जांच कर रही है। मुख्य आरोपी विवेक चौबे फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें कई जिलों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल और लैपटॉप भी कब्जे में लेकर डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है, जबकि सीसीटीवी खराब मिलने से साजिश की आशंका और गहरा गई है।
नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा की मौत गला काटे जाने से हुई। उसके सिर पर भी गहरी चोट के निशान मिले हैं।
डॉक्टरों ने यह भी पाया कि वारदात के समय छात्रा के दोनों पैर बंधे हुए थे। रिपोर्ट में यौन शोषण की आशंका भी जताई गई है, हालांकि इसकी पुष्टि फोरेंसिक और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
उधर, पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी विवेक चौबे की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है। उसकी धरपकड़ के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं,
जो चुनार, नियारडीह, चोलापुर समेत कई इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। अब तक करीब 10 लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी विवेक काफी समय से छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और उसे ब्लैकमेल करता था।
उनका कहना है कि विवेक ने छात्रा की शादी से जुड़ी एक तस्वीर से छेड़छाड़ कर उसे डराया और धमकी दी कि अगर उसने किसी और से शादी की, तो वह तस्वीर इंटरनेट पर वायरल कर देगा।
परिवार के मुताबिक, जब छात्रा की शादी दूसरी जगह तय हो गई तो आरोपी नाराज हो गया। आरोप है कि 18 अगस्त को विवेक ने नीट की पढ़ाई में मदद करने के बहाने छात्रा को अपने किराए के कमरे पर बुलाया, जहां उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस इन सभी आरोपों की जांच कर रही है।
जब छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के किराए के कमरे का पता चला,
जहां बाथरूम से छात्रा का शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, शव के दोनों पैर बंधे थे और गले पर गंभीर चोट के निशान मिले।
जांच में यह भी सामने आया कि कमरे के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा बंद था। पुलिस को आशंका है कि वारदात से पहले उसे जानबूझकर निष्क्रिय किया गया हो सकता है।
मामले की पड़ताल के लिए छात्रा का मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त कर लिया गया है, जिनकी डिजिटल जांच से अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं।
पोस्टमार्टम के बाद मिर्जापुर के अदलपुरा श्मशान घाट पर पिता ने नम आंखों से बेटी का अंतिम संस्कार किया।
पुलिस जांच में आरोपी विवेक चौबे के परिवार और स्थानीय राजनीति से जुड़े विवाद भी सामने आए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विवेक पिछले करीब तीन वर्षों से अपने मामा के घर रह रहा था।
बताया जा रहा है कि वह अपने गांव नियारडीह में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। इसी को लेकर उसका अपने चाचा अनिल चौबे से भी विवाद चल रहा था।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन पारिवारिक और राजनीतिक मतभेदों का मामले से कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस अब आरोपी के पारिवारिक और अन्य सभी संभावित पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है। एडीसीपी गोमती नीतू काद्यान ने बताया कि मामले की पड़ताल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और मोबाइल-लैपटॉप से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच टीम हर पहलू पर साक्ष्य जुटा रही है और फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।