

Varanasi Primary School Chandrawati: चौबेपुर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय चंद्रावती इन दिनों अपने शैक्षणिक नवाचारों और बेहतर शिक्षण व्यवस्था के चलते बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विद्यालय की शिक्षिका डॉ. सुमन कुमारी द्वारा किए जा रहे निरंतर नए प्रयोगों ने सरकारी विद्यालय की तस्वीर बदलने के साथ ही बच्चों को नई दिशा देने का काम किया है। विद्यालय के बच्चों को वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री से मिलने का अवसर मिला, वहीं अक्टूबर माह में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से भी मुलाकात का अवसर प्राप्त हुआ।
विद्यालय में शिक्षिका द्वारा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाती है। प्रार्थना सभा में प्रतिदिन अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है। प्रार्थना के बाद सुविचार और प्रश्नोत्तर गतिविधि कराई जाती है, जिसमें प्रत्येक कक्षा से एक बच्चा प्रश्न पूछता है और अन्य बच्चे हाथ उठाकर उसका उत्तर देते हैं। इसके साथ ही छोटे-छोटे संस्कृत शब्दों एवं वाक्यों के माध्यम से बच्चों को संस्कृत संभाषण का अभ्यास कराया जाता है।
डॉ. सुमन कुमारी के प्रयासों का असर विद्यालय के नामांकन पर भी दिखाई दे रहा है। इस वर्ष अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने वाले 34 बच्चों ने प्राथमिक विद्यालय चंद्रावती में नामांकन कराया, जो विद्यालय के प्रति अभिभावकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय में ‘बुलावा टोली’ का गठन किया गया है। इन टोलियों का नाम महापुरुषों के नाम पर रखा गया है। इस पहल की सराहना प्रार्थना सभा में पहुंचे अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, वाराणसी के उपनिदेशक संजय कुमार मिश्रा द्वारा भी की गई। इसके परिणामस्वरूप विद्यालय में प्रतिदिन 90 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति बनी रहने की बात कही गई है।
विद्यालय के इको क्लब के माध्यम से प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। अब तक विभिन्न कार्यक्रमों में सूती कपड़े और जूट से बनी 2000 से अधिक थैलियों का वितरण किया जा चुका है। पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के साथ बच्चों के जन्मदिन पर उन्हें उपहार स्वरूप एक पौधा दिया जाता है। बच्चों को पौधे की देखभाल और संरक्षण की शपथ भी दिलाई जाती है। इस अनूठी पहल की बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा भी सराहना की जा चुकी है।
डॉ. सुमन कुमारी को वाराणसी के काशी गौरव सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। नवाचार एवं संस्कृत नवाचार के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) द्वारा लगातार तीन वर्षों तक सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका का सम्मान दिया गया। वर्ष 2025 में उन्हें एडूलीडर्स सम्मान से भी नवाजा गया, जो लखनऊ में प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा प्रदान किया गया।
विद्यालय में बच्चों को शिक्षा के साथ संगीत से जोड़ने के लिए वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षिका द्वारा अतिरिक्त प्रयास किए जाते हैं। विद्यालय में उनके ठहराव और सहभागिता को बढ़ाने के लिए बच्चों के बीच मैत्रीपूर्ण वातावरण तैयार किया गया है, जिससे दिव्यांग बच्चे भी विद्यालय की गतिविधियों में रुचि के साथ भाग ले रहे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज के अनुसार प्राथमिक विद्यालय चंद्रावती अब केवल बच्चों ही नहीं, बल्कि अभिभावकों के आकर्षण का भी केंद्र बन चुका है। विद्यालय सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है और निजी विद्यालयों को भी टक्कर दे रहा है। शिक्षिका के निरंतर प्रयासों से विद्यालय में नामांकन लगातार बढ़ा है और यह पूरे ब्लॉक में सर्वाधिक नामांकन वाले विद्यालयों की सूची में भी शामिल रहा है।