Varanasi: रामनगर रामलीला में राज्याभिषेक के बाद भोर की आरती, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Ram Nagar Ramlila Aarti: वाराणसी की प्रसिद्ध रामनगर रामलीला में प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के बाद भोर की आरती में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जय श्रीराम के उद्घोष से रामलीला परिसर भक्तिमय हो उठा
Ram Nagar Ramlila: Huge Crowd Gathers for Dawn Aarti After Lord Ram’s Coronation in Varanasi
श्रद्धालुओं का सैलाब(सोर्स- नवभारत लाइव)
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • रामनगर रामलीला की भोर की आरती में जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा परिसर

  • राज्याभिषेक के बाद भोर की आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

  • सदियों पुरानी परंपरा और भक्ति के अद्भुत संगम के साक्षी बने लोग

Ram Nagar Ramlila Varanasi: काशी की विश्वप्रसिद्ध रामनगर रामलीला में आस्था, परंपरा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के बाद रामलीला की भोर की आरती में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल होने के लिए पहुंचे। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और जय श्रीराम के उद्घोष से रामलीला परिसर गूंज उठा।

रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला अपनी विशिष्ट परंपराओं और धार्मिक महत्ता के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां रामकथा का मंचन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत और लोकआस्था का जीवंत स्वरूप है। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

भोर की आरती का विशेष महत्व

प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के बाद आयोजित भोर की आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। आरती के दौरान भक्तों ने प्रभु श्रीराम के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह की शांति, भक्ति के स्वर और श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

Ram Nagar Ramlila: Huge Crowd Gathers for Dawn Aarti After Lord Ram’s Coronation in Varanasi
वाराणसी में पीएम मोदी ने अरविंद मिल के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का किया लोकार्पण, 150 करोड़ रुपये का निवेश

रामनगर रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारंपरिक शैली है। यहां रामकथा के प्रसंगों को परंपरागत स्वरूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो इसे अन्य रामलीलाओं से अलग पहचान देता है। यही वजह है कि रामनगर की रामलीला काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।

भोर की आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर साबित किया कि रामनगर रामलीला केवल मंचन नहीं, बल्कि जन-जन की आस्था और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है।

माता कौशल्या ने उतारी आरती

बता दें कि रामनगर की ऐत‍िहास‍िक रामलीला में अनोखी आरती को देखने के ल‍िए काशी का एक और लक्‍खा मेला भी परवान चढ़ता है।

रामनगर में श्रीराम राज्याभिषेक के बाद रविवार को भोर में होने वाली आरती को देखने के लिए लाखो लोग पूरी रात नगर में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत करते दिखे।

सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर भास्कर ने जैसे ही आंखें खोलीं, माता कौशल्या ने अयोध्या के सिंहासन पर विराजमान श्रीराम और माता सीता के साथ मे खड़े भरत, लक्ष्मण, शत्रुध्न व श्रीराम के चरणों मे नतमस्तक भक्त शिरोमणि‍ हनुमान की आरती उतारी।

Navbharat Live
navbharatlive.com