गोटीपुआ-संबलपुरी नृत्य से सजेगा वाराणसी का ‘ओडिशा पर्व’, हस्तशिल्प से लेकर उड़िया व्यंजनों तक का मिलेगा स्वाद

Odisha Parv Varanasi: वाराणसी में 22 से 24 अगस्त तक तीन दिवसीय ‘ओडिशा पर्व’ का आयोजन होगा। 32 स्टॉल पर हस्तशिल्प, उड़िया व्यंजन, लोकनृत्य और ओडिशा के पर्यटन स्थलों की झलक देखने को मिलेगी।
Odisha Parv in Varanasi: A Grand Celebration of Odisha’s Culture, Crafts and Tourism
वाराणसी का ‘ओडिशा पर्व’(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Odisha Culture In Varanasi: ओडिशा की समृद्ध कला, संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और पर्यटन विरासत को वाराणसी के लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 22 से 24 अगस्त तक तीन दिवसीय ‘ओडिशा पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। ओडिशा सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से फिक्की के सहयोग तथा ओड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग सहित विभिन्न विभागों और संस्थाओं की भागीदारी से यह आयोजन किया जा रहा है।

उत्सव में कुल 32 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें 22 स्टॉल हस्तशिल्प और 10 स्टॉल व्यंजनों के होंगे। पत्ताचित्र, ताड़पत्र नक्काशी, चांदी की बारीक कारीगरी, हथकरघा, वस्त्र, पीतल-कांस्य शिल्प और जूट उत्पादों के साथ पारंपरिक एवं समकालीन कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

आगंतुकों को पत्ताचित्र, ताड़पत्र नक्काशी, चांदी की कारीगरी और डोकरा शिल्प का लाइव प्रदर्शन देखने का भी अवसर मिलेगा।

उड़िया व्यंजनों का मिलेगा स्वाद

ओडिशा के पारंपरिक खान-पान को भी पर्व में प्रमुखता दी जाएगी। व्यंजन स्टॉलों पर उड़िया व्यंजन, पीठा, मिठाइयां, दही बड़ा-आलू दम समेत विभिन्न क्षेत्रीय पकवान उपलब्ध होंगे।

कोरापुट सहित राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के विशेष उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

गोटीपुआ और संबलपुरी नृत्य करेंगे मंत्रमुग्ध

ओडिशा की लोक एवं पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियां भी उत्सव का प्रमुख आकर्षण होंगी। गोटीपुआ और संबलपुरी सहित विभिन्न लोकनृत्यों के माध्यम से ओडिशा की संस्कृति और जीवन परंपराओं की झलक वाराणसी के दर्शकों को देखने को मिलेगी।

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पर्यटन स्थलों की भी होगी प्रस्तुति

ओडिशा पर्व में पुरी और कोणार्क के आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के साथ रत्नागिरी, उदयगिरि और ललितगिरि के बौद्ध विरासत स्थलों की जानकारी दी जाएगी। चिल्का, भितरकनिका और सिमलीपाल जैसे प्राकृतिक एवं वन्यजीव पर्यटन स्थलों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। विशेष रोड शो के जरिए ओडिशा के पर्यटन स्थलों, पर्यटन उत्पादों और निवेश की संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी।

प्रवासी सम्मेलन और बी2बी-बी2जी बैठकें भी

आयोजन के दौरान वाराणसी और आसपास रहने वाले ओडिशा समुदाय के लोगों के साथ प्रवासी सम्मेलन आयोजित होगा। वहीं बी2बी और बी2जी सत्रों में पर्यटन एवं हस्तशिल्प क्षेत्र के प्रतिनिधि, निवेशक, टूर ऑपरेटर और सरकारी प्रतिनिधि भाग लेंगे। इन बैठकों में ओडिशा और उत्तर प्रदेश के बीच पर्यटन एवं व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी।

ओडिशा पर्व को दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आयोजन के माध्यम से ओडिशा को समृद्ध, समावेशी, टिकाऊ और वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।

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