

KGMU Nursing Student Death Varanasi: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के बाद मामला गरमा गया है। दिव्यांशी के पिता विजय यादव ने वाराणसी स्थित अपने निवास पर KGMU प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, छात्रा की मौत के बाद KGMU के नर्सिंग छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर धरना-प्रदर्शन किया।
पिता विजय यादव का आरोप है कि उनकी बेटी पहले से बीमार थी, इसके बावजूद बीमारी की अवस्था में उससे ड्यूटी कराई गई। उनका कहना है कि इसके बाद दिव्यांशी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। साथी छात्र-छात्राओं से बेटी की तबीयत बेहद खराब होने की सूचना मिलने के बाद परिजन लखनऊ पहुंचे और उसे वाराणसी स्थित घर लेकर आए। उपचार के बाद दिव्यांशी को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, जांच के दौरान दिव्यांशी के टाइफाइड से पीड़ित होने की जानकारी सामने आई थी। आरोप है कि बीमारी के दौरान भी उसकी ड्यूटी लगाई गई। बाद में उसे डेंगू होने की बात भी सामने आई। परिजनों का आरोप है कि समय से समुचित जांच और उचित उपचार नहीं मिलने के कारण उसकी हालत गंभीर होती चली गई।
बताया गया कि 11 सितंबर 2026 को दिव्यांशी को बुखार आया था और उस समय वह KGMU में ही थी। इसके बाद उसने मेडिकल लीव के लिए आवेदन कर 15 सितंबर तक अवकाश मांगा था। परिजनों का आरोप है कि उसका अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया। 16 सितंबर को उसे ओपीडी में दिखाने की अनुमति मिली, जिसके बाद दवा और इलाज शुरू हुआ।
शिकायत के अनुसार, 17 सितंबर को दिव्यांशी की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसके साथ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन उसे लखनऊ से वाराणसी स्थित घर लेकर आए। उपचार के बाद उसे BHU में भर्ती कराया गया, जहां 19 सितंबर 2026 की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दिव्यांशी की मौत की सूचना KGMU पहुंचने के बाद नर्सिंग छात्रों में आक्रोश फैल गया। छात्रों ने छात्रावास परिसर में कैंडल मार्च निकाला और इसके बाद धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
दिव्यांशी की मां संजू यादव ने भी कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से चिकित्सा विभाग के महानिदेशक स्तर से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है।
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिव्यांशी यादव की मौत का मुद्दा उठाया है। उन्होंने घटना को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।
वाराणसी स्थित अपने निवास पर पिता विजय यादव ने कहा कि बेटी की मौत का सदमा परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बीमारी के दौरान उनकी बेटी की ड्यूटी नहीं लगाई जाती और समय से समुचित उपचार मिलता तो शायद परिस्थितियां अलग होतीं। उन्होंने मांग की कि उच्चस्तरीय जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि बीमारी के दौरान दिव्यांशी की ड्यूटी किन परिस्थितियों में लगाई गई और उसके इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
परिजनों और छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। मामले में KGMU प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।