सपा सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो चलाने की बात कही
अखिलेश ने भाजपा की यात्रा को बताया अराजकता की यात्रा
'भाजपा हटे, संकट मिटे' का नारा दिया
Akhilesh Yadav Target BJP: वाराणसी की दोनों एमएलसी सीटों पर समाजवादी पार्टी की जीत के बाद पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को काशी पहुंचकर 2027 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। कार्यकर्ताओं से मुलाकात और संवाद के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।
मणिकर्णिका घाट, दालमंडी परियोजना, वरुणा नदी, नाविकों की समस्याओं और काशी के विकास जैसे स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए अखिलेश ने सरकार को घेरा। उन्होंने ऐलान किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा और वरुणा नदी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का काम किया जाएगा।
भाजपा के क्योटो मॉडल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि क्योटो नहीं बना पाए तो कम से कम उसकी तस्वीर ही लगा देते।
अखिलेश यादव ने मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास और दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट तोड़ने की सजा मिली है। दालमंडी परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि 180 से अधिक मकानों और 500 से ज्यादा दुकानों पर बुलडोजर चलवाया गया।
अखिलेश ने सवाल उठाया कि यदि काशी में मेट्रो का निर्माण कराया गया होता तो दालमंडी के लोगों के साथ इस तरह अन्याय करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं दिया गया।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान प्रभावित किसानों और लोगों को उचित मुआवजा दिया था। उनका आरोप था कि मौजूदा सरकार विकास परियोजनाओं के नाम पर प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान नहीं रख रही है।
काशी के विकास को लेकर अखिलेश यादव ने कई वादे किए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो चलाने का काम किया जाएगा। वरुणा नदी को पूजनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका आध्यात्मिक महत्व है और काशी की पहचान से इसका गहरा जुड़ाव है।
समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान वरुणा नदी के सुंदरीकरण की दिशा में काम शुरू किया गया था। अब पार्टी की सरकार बनने पर इसे स्वच्छ और सुंदर नदी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
भाजपा सरकार के काशी को क्योटो बनाने के दावे पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश ने कहा कि क्योटो नहीं बना पाए तो कम से कम क्योटो की तस्वीर ही लगा देते। उन्होंने विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि काशी की वास्तविक जरूरतों पर काम होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने बनारस के स्थानीय कारोबारियों और नाविकों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुना है कि बनारस को बाहर के ठेकेदारों के हवाले कर दिया गया है। यहां के नाव चलाने वाले लोग भी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों की आजीविका और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी कभी भी विकास के खिलाफ नहीं रही है। अक्षय पात्र योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि वाराणसी में इसके उद्घाटन से जुड़ा काम समाजवादी पार्टी की सरकार की देन है, भाजपा की नहीं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अन्य जिलों में भी बच्चों को दूध और बेहतर भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
भाजपा सरकार पर हमला जारी रखते हुए अखिलेश यादव ने उसकी यात्रा को अराजकता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि जनता मौजूदा सरकार से परेशान है और बदलाव चाहती है। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आरक्षण के हिसाब से 12 हजार नौकरियां छीनी हैं। उन्होंने शिक्षा संस्थानों में शराब के ठेके खोले जाने की आशंका जताते हुए सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और फॉर्म-7 के मुद्दे पर अखिलेश ने भाजपा पर हेराफेरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा जब मुद्दों पर चुनाव नहीं जीत पाती तो हेराफेरी का सहारा लेती है। समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रहरियों ने मतदाताओं को जागरूक किया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता अब जागरूक हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदू मतदाताओं के वोट कटने संबंधी बयान पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहे थे, उन्हें भी वहां आना चाहिए था। अखिलेश ने दावा किया कि हर विधानसभा क्षेत्र में 31 हजार वोट कम हो रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले अपने मंत्रियों के टिकट काटने जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के बारे में इस तरह की बातें कही हैं, उनके सभी कार्यक्रम बंद कर देने चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को बुलडोजर लेकर सीधे उनके आश्रम पहुंच जाना चाहिए।
राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी अखिलेश ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले में क्लीन चिट मिल गई, लेकिन ऊपर वाला क्लीन चिट कब देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चोरी करने वालों को भगवान राम और भगवान विश्वनाथ सजा देंगे।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर भी अखिलेश यादव ने निशाना साधा। राजभर के माफिया को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर की ओटीपी कहीं और से आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट में बैठे लोगों को डराने के लिए माफिया का मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें 50 सीट चाहिए, वे लोगों को डराने के लिए माफिया का रोल प्ले करेंगे।
अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता भाजपा सरकार से दुखी है और आने वाले चुनाव में सपा की सरकार बनेगी। उन्होंने बनारस और आजमगढ़ की राजनीतिक अहमियत का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों जगहों की लौंगलता खाकर मुंह मीठा करेंगे, क्योंकि समाजवादी पार्टी दोनों जगहों पर जीतने जा रही है।
केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने एथेनॉल और डॉलर के मुद्दे पर सवाल उठाए। अपने संबोधन के दौरान अखिलेश ने 'भाजपा हटे, संकट मिटे' का नारा दिया। उन्होंने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
काशी में अखिलेश यादव का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एमएलसी चुनाव में जीत के बाद उन्होंने स्थानीय विकास परियोजनाओं, धार्मिक स्थलों, व्यापारियों, नाविकों और मतदाता सूची जैसे मुद्दों को उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश की। साथ ही काशी में मेट्रो और वरुणा नदी के कायाकल्प का वादा कर पूर्वांचल की राजनीति में 2027 के चुनाव की तैयारी का संदेश दिया।