

Jammu Kashmir Kishtwar Cloudburst: 2 जून को जम्मू- कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के गहान सार्थल और माछीपाल इलाकों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि अभी तक दोनो जगहों में हुई घटनाओं से किसी के हताहत होने और किसी बड़े नुसकान की खबर नहीं आई है। प्रभावित क्षेत्रों में इलाके के अधिकारी मौजुद है। स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ में हुए घटना को लेकर मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि मैंने अभी-अभी डीसी किश्तवाड़, पंकज शर्मा से बात की। आज किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। अभी तक जान-माल के किसी भी नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। घटना से प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों को जल्द से जल्द साफ करके दोबारा खोलने के लिए कर्मचारियों और मशीनों को काम पर लगा दिया गया है।
केंद्रिय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा ''राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी पूरी तरह अलर्ट पर हैं और प्रभावित व आसपास के इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालात का जायजा लेने और जहां भी जरूरत हो, वहां मदद पहुंचाने के लिए मोबाइल गश्त दल और फील्ड स्टाफ स्थानीय लोगों के साथ लगातार संपर्क में हैं। मेरा कार्यालय भी लगातार संपर्क में है।''
किश्तवाड़ के डीसी पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि बादल फटने से द्राबशाला और गुज्जुवा के बीच स्थित पहाड़ी पर अचानक बाढ़ आ गई। जिससे सुरु-सार्थल,जीरो प्वाइंट,द्राबशाला और मच्छीपाल समेत 34 सड़कें प्रभावित हुईं हैं।
जिला प्रशासन ने निगरानी और राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त उपाय सक्रिय कर दिए हैं।राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी पूरी तरह अलर्ट पर हैं।और द्राबशाला जाने वाला मुख्य राजमार्ग साफ कर दिया गया है।
ये भी पढ़े-
इस घटना जिला प्रशासन,राजस्व, आपदा प्रबंधन समेत तमाम आला-अधिकारी पूरी तरह अलर्ट पर हैं। और लगातार नजर बनाए हुएं हैं। डोडा स्थित एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक के साथ समन्वय जारी किया गया है। और जनता से अपिल की जा रही की मानसून के हालातों को देखते हुए नदी और नालों से उचित दूरी बना कर रहें ।