केरल में घुसपैठ सिंडिकेट का खुलासा, ATS और इंटेलिजेंस ने मुख्य आरोपी ममताज सहित 9 बांग्लादेशी को किया गिरफ्तार

Illegal Bangladeshi Network Kerala: केरल में ATS और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अप्रवास सिंडिकेट का खुलासा किया है। मुख्य आरोपी ममताज बेगम और 9 बांग्लादेशियों को किया गिरफ्तार।
Infiltration syndicate busted in Kerala; ATS and Intelligence agencies arrest 9 Bangladeshis, including prime accused Mumtaz.
केरल में अवैध बांग्लादेशी (फोटो सोर्स- आईएएनएस)
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ATS and Military Intelligence Operation: केरल में अवैध अप्रवास नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में केंद्रीय एजेंसियों ने कोल्लम जिले के कोट्टाराक्कारा में एक संयुक्त अभियान के दौरान सिंडिकेट के एक संदिग्ध सदस्य और नौ बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह अभियान एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने चलाया था।

यह अभियान राज्य में रह रहे विदेशी नागरिकों के घुसपैठ और नकली पहचान दस्तावेजों के इस्तेमाल की चल रही जांच का हिस्सा था। मुख्य आरोपी की पहचान ममताज बेगम के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के बागेरहाट जिले के मोरेलगंज, चौताबुनिया इलाके के निशानबारिया की रहने वाली है।

ममताज बेगम पर गंभीर आरोप

जांचकर्ताओं के अनुसार, ममताज बेगम ने केरल के विभिन्न हिस्सों में बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध प्रवेश और बसने में मुख्य भूमिका निभाई थी। शुरुआती जांच से पता चलता है कि अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए नौ बांग्लादेशी नागरिक कोट्टाराक्कारा में कबाड़ का कारोबार कर रहे थे, जिसे पिछले तीन महीनों से बेगम की देखरेख में चलाया जा रहा था।

15 वर्षों से चल रहा सिंडीकेट

एजेंसियों को शक है कि बेगम ने हाल ही में केरल में अलग-अलग जगहों पर 36 बांग्लादेशी नागरिकों को लाया था, जिनमें से कई उसके नेटवर्क द्वारा चलाए जा रहे कबाड़ इकट्ठा करने और व्यापार के कामों में लगे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि बेगम बचपन से ही अपने माता-पिता के साथ बांग्लादेश से भारत आती-जाती रही है और पिछले 15 वर्षों से दोनों देशों के बीच आने-जाने के लिए पश्चिम बंगाल सीमा के रास्तों का इस्तेमाल कर रही थी।

वोटर आईडी-राशन कार्ड जैसे दस्तावेज मिले

जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि उसने वोटर आईडी और राशन कार्ड सहित भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल कर लिए थे और बाद में करुणागाप्पल्ली और कोल्लम जिले के अन्य हिस्सों में कबाड़ की कई दुकानें खोली थीं। बेगम पर अपने व्यावसायिक कामों के लिए तीन ऑटो-रिक्शा खरीदने का भी शक है। तलाशी के दौरान, एजेंसियों ने कई दस्तावेज बरामद किए, जिनमें लीज एग्रीमेंट, वाहन के मालिकाना हक के रिकॉर्ड और उसके कारोबार से जुड़े अन्य कागजात शामिल हैं।

स्थानीय मददगारों की भूमिका पर जांच

जांच में गिरफ्तार लोगों द्वारा इस्तेमाल किए गए पहचान से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। एजेंसियों ने हिरासत में लिए गए नौ बांग्लादेशी नागरिकों से आधार कार्ड जब्त किए। हालांकि ज्यादातर दस्तावेजों की जांच चल रही है, लेकिन अधिकारियों को पता चला कि बरामद किए गए आधार कार्डों में से दो असली थे। आरोपियों से बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र भी बरामद किए गए।

सूत्रों ने बताया कि कुछ स्थानीय मददगारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांचकर्ता इन आरोपों की पड़ताल कर रहे हैं कि एक राजनेता और कुछ सरकारी अधिकारियों ने बेगम के लिए वोटर आईडी और राशन कार्ड बनवाने में मदद की हो सकती है। दस्तावेज और पहचान से जुड़ी सेवाओं में मदद करने में संदिग्ध भूमिका के कारण एक 'अक्षय केंद्र' भी जांच के दायरे में है।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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