रिंकू सिंह राही, (सोर्स- सोशल मीडिया)
IAS Rinku Singh Resignation: उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले से प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। रिंकू सिंह ने कहा कि लंबे समय से ना पोस्टिंग मिल रही ना काम मिल रहा है। रिंकू सिंह राही लंबे समय से राजस्व परिषद में अटैच थे और उन्हें सक्रिय रूप से काम करने का अवसर नहीं मिल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा है कि राज्य में ‘संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम’ काम कर रहा है, जिसके चलते वे अपनी भूमिका सही ढंग से निभा नहीं पा रहे थे।
अपने इस्तीफे में आईएएस अधिकारी ने यह भी कहा कि उन्हें वेतन तो मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का वास्तविक अवसर नहीं मिल रहा था। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपने इस्तीफे को नैतिक निर्णय बताया है।
रिंकू सिंह राही ने 28 जुलाई को शाहजहांपुर जिले की पुवायां तहसील में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के रूप में कार्यभार संभाला था। अगले ही दिन तहसील परिसर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने जगह-जगह फैली गंदगी, गंदे शौचालय और एक वकील के मुंशी को खुले में पेशाब करते हुए देखा। इस पर नाराज होकर एसडीएम ने मौके पर ही उस व्यक्ति को उठक-बैठक लगाने की सजा दी, जिससे वकीलों में नाराजगी फैल गई।
घटना के बाद वकीलों ने तहसील कार्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और एसडीएम के व्यवहार पर आपत्ति जताई। बाद में बातचीत के दौरान वकीलों ने शौचालयों की खराब स्थिति और सफाई व्यवस्था की कमी को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। एसडीएम राही ने उनकी बात मानते हुए सार्वजनिक रूप से तहसील में सफाई की कमी स्वीकार की और वकीलों के सामने खुद कान पकड़कर पांच उठक-बैठक लगाईं।
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इस दौरान रिंकू सिंह राही ने कहा था कि जब मैंने लोगों को शौचालय के पास खुले में पेशाब करते देखा, तो उन्हें सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए कहा। जब उन्होंने मना किया, तो उन्हें उठक-बैठक करवाई। इसी तरह, कुछ स्कूली बच्चों को परिसर में घूमते देखा, तो उनके अभिभावकों को भी चेतावनी के तौर पर उठक-बैठक करवाई थी।