नाम बदलने वालों का खुद नाम बदल गया...छोटा फैंटा, अखिलेश यादव ने CM योगी पर कसा तंज

Akhilesh Yadav Chota Fanta Remark: अखिलेश यादव ने सीएम योगी को "छोटा फैंटा" कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। साथ ही उन्होंने गाजीपुर मामले की तुलना हाथरस से करते हुए सरकार को जमकर घेरा।
Akhilesh Yadav postpones Ghazipur visit as SP delegation meets Kataria victims, providing ₹5 lakh aid.
अखिलेश यादव (सौजन्य-IANS)
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Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उन्हें “छोटा फैंटा” कह दिया, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।

29 अप्रैल को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए सीएम योगी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जो लोग दूसरों के नाम बदलते थे, उनका नाम भी अब बदल गया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “नाम बदलने वाले खुद बंगाल पहुंचकर बदल गए” और साथ ही “छोटा फैंटा” शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर विवाद बढ़ गया है।

कथित नामकरण की निजी जानकारी नहीं

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि उन्हें इस कथित नामकरण की निजी जानकारी नहीं है और इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने ईडी, आयकर विभाग, केंद्रीय सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की जांच की मांग भी उठाई। उनका यह बयान पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।

सरकार पर साधा निशाना

इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है और आरोप लगाया कि कई मामलों को सरकार छिपा रही है, जिनकी जानकारी बाद में सामने आती है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर गया था, लेकिन शुरुआत में उसे जाने की अनुमति नहीं दी गई, बाद में सरकार राजी हुई। उनके अनुसार, वहां जाकर कई अहम तथ्य सामने आए और स्थानीय स्तर पर कुछ लोग सच्चाई बाहर नहीं आने देना चाहते थे।

गाजीपुर में नाबालिग लड़की का शव मिलने के मामले पर उन्होंने कहा कि पीड़िता के पिता पूरी मेडिकल जांच चाहते थे, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरी सैंपल सुरक्षित नहीं किए गए और पोस्टमार्टम के बाद जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने इस मामले की तुलना हाथरस की घटना से भी की।

क्या है मामला?

गौरतलब है कि 15 अप्रैल को गाजीपुर में एक नाबालिग लड़की का शव नदी में मिला था। आरोप लगे थे कि उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई, हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है और मौत डूबने से हुई थी।

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