

NHM Samvida Karmchari Regularization UP: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, मानदेय में बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा।
संगठन ने शासन को 3 अक्टूबर तक सकारात्मक कार्रवाई का समय दिया है। मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन के बाद लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
जिला अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार पटेल और जिला महामंत्री शिव प्रताप सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक एनएचएम संविदा कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। इनमें कई कर्मचारी 15 से 18 वर्षों से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सेवाएं दे रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन, टीकाकरण और अन्य अभियानों में जिम्मेदारी निभाई।
कर्मचारियों ने लंबे समय से कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मियों को नियमित करने और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही वर्तमान मानदेय में तत्काल वृद्धि, स्वास्थ्य विभाग में जिन पदों पर संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, उन पदों का सृजन और कर्मचारियों व उनके आश्रित परिवारों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ देने, गैर जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने तथा सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी शामिल है। आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने और नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग की गई है।
संगठन के अनुसार, 3 अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 5 से 7 अक्टूबर तक कर्मचारी काला फीता बांधकर विरोध करेंगे। 8 से 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार या कार्यविराम किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।