

TGT PGT Hunger Strike Allahabad Update: टीजीटी-पीजीटी परीक्षा पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न से कराने की मांग को लेकर पिछले 19 दिनों से अनशन कर रहे प्रतियोगी छात्रों ने प्रशासन के साथ वार्ता और मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि छात्रों ने साफ किया है कि अनशन खत्म हुआ है, आंदोलन नहीं। उनका कहना है कि शासन या प्रशासन की ओर से अभी तक लिखित आश्वासन नहीं मिला है, इसलिए जब तक मांगों के संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शिक्षा निदेशालय में तीन दिन से चल रहे अनशन के बीच आंदोलनकारी छात्रों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय समेत कई छात्रों ने जिलाधिकारी और जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों से बातचीत की। छात्रों के मुताबिक जिलाधिकारी ने उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए लिखित आश्वासन दिलाने की जिम्मेदारी ली। साथ ही शासन की ओर से पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराने की मंशा से भी छात्रों को अवगत कराया गया।
छात्रों का कहना है कि लगातार 19 दिनों तक चले अनशन के दौरान कई छात्रों की तबीयत बिगड़ी। बीती रात अनशन पर बैठे छात्रों का मेडिकल चेकअप कराया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से छात्रों की मांगों और अनशन समाप्त कराने को लेकर गंभीर पहल शुरू हुई। अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद छात्रों ने फिलहाल अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। 16 दिन पत्थर गिरिजाघर स्थित धरना स्थल पर विरोध प्रदर्शन करने के बाद छात्र शिक्षा निदेशालय परिसर पहुंचे थे।
वार्ता के बाद शिक्षा निदेशालय के गेट से बाहर निकले आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय को साथी छात्रों ने गोद में उठा लिया। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए अपनी खुशी और उत्साह का इजहार किया। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच आश्वासन मिलने के बाद छात्रों में उम्मीद दिखाई दी। हालांकि छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे लिखित आदेश मिलने तक पूरी तरह आंदोलन समाप्त नहीं मान रहे हैं।
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग टीजीटी-पीजीटी परीक्षा को पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के अनुसार कराने की है। वार्ता के दौरान उन्हें मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिला है, लेकिन अभी तक कोई लिखित आदेश उनके हाथ में नहीं है। छात्रों के अनुसार आंदोलन की अगली दिशा शासन की ओर से जारी होने वाले लिखित आदेश पर निर्भर करेगी।
आंदोलनकारी छात्रों और जिलाधिकारी समेत जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। छात्रों के मुताबिक जिलाधिकारी ने लिखित आश्वासन दिलाने की जिम्मेदारी लेने के साथ शासन की मंशा से भी उन्हें अवगत कराया। पुराने नियमावली और पुराने पैटर्न से टीजीटी-पीजीटी परीक्षा कराने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र 19 दिनों से अनशन पर बैठे थे। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
छात्रों ने सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद अनशन तो खत्म कर दिया है, लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं किया। उनका कहना है कि लिखित आदेश जारी होने तक वे अपनी मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।