(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Women Reservation Bill: उत्तर प्रदेश की राजनीति और चुनावी भूगोल आने वाले समय में पूरी तरह बदलने वाला है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 2029 के आम चुनावों से महिला आरक्षण को जमीन पर उतारने के लिए एक ऐतिहासिक ब्लूप्रिंट पर काम कर रही है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत न केवल महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा, बल्कि पूरे देश सहित यूपी में भी सांसदों और विधायकों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
उत्तर प्रदेश में 2029 के आम चुनाव से मतदाता 80 के बदले 120 लोकसभा सीटों और 2032 के विधानसभा चुनाव से 403 की जगह पर 603 असेंबली सीटों के लिए सांसद और विधायक चुनते नजर आ सकते हैं, जिनमें 40 लोकसभा और 180 विधानसभा सीट पर हर कैंडिडेट महिला दिख सकती है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन) में पहले यह प्रावधान था कि यह नई जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा। लेकिन अब सरकार इसमें बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार चाहती है कि नई जनगणना के नतीजों का इंतजार किए बिना 2011 की जनगणना को ही आधार मानकर परिसीमन कर लिया जाए। इससे उन दक्षिणी राज्यों की चिंता भी दूर होगी जिन्हें डर था कि जनसंख्या नियंत्रण करने के कारण उनकी सीटें कम हो सकती हैं। प्रस्ताव यह भी है कि अनुसूचित जाति और जनजाति की सीटों को भी इसी अनुपात में महिला आरक्षण के दायरे में लाया जाए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस योजना को लेकर सोमवार को कई राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ शुरुआती बातचीत की है। सरकार की योजना लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने की है, जिसमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
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सरकार फिलहाल सहयोगी और विपक्षी दलों से रायशुमारी कर रही है। यदि सभी दल सहमत होते हैं, तो चालू बजट सत्र में या इसके तुरंत बाद एक विशेष सत्र बुलाकर कानून में जरूरी संशोधन किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और 2032 के यूपी विधानसभा चुनाव तक यह नया ढांचा पूरी तरह तैयार हो जाए।