कहीं सुसाइड तो कहीं आपसी टकराव; UP की जेलों में एक साल में 438 मौतें और 19 सुसाइड, RTI में हुआ बड़ा खुलासा
Prisoners Death RTI Report: UP में एक साल में 438 कैदियों की मौत और 19 कैदियों के सुसाइड का RTI में खुलासा हुआ है। रिकॉर्ड के मुताबिक यूपी की जेलों में 400 से ज्यादा विदेशी बंदी भी बंद हैं।
- Written By: अमन मौर्या
प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स- एआई जनरेटेड)
UP Jail Prisoners Death Report: उत्तर प्रदेश की जेलों से चौंकाने वाली खबर सामने आयी है। पिछले एक साल के दौरान यूपी की जेलों से 438 कैदियों-बंदियों की मौत हुई और 19 बंदियों ने आत्महत्या की है। कैदियों की जेल में होने वाली मौत पर RTI में मांगी गई जानकारी में यह खुलासा हुआ है। प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, प्रदेश की जेलों में निर्धारित मानक से ज्यादा पुरुष और महिला बंदी रखे गए हैं। साथ ही यूपी की जेलों में 432 विदेशी कैदियों की भी जानकारी मिली है। इसमें से कुछ पर आतंकी गतिविधियों शामिल का आरोप है।
क्षमता से ज्यादा कैदी बंद
RTI में यह भी बताया गया है कि उत्तर प्रदेश की जेलों में 70,556 पुरुष, 4039 महिलाओं और 3,413 अल्प व्यस्क को रखने की व्यवस्था है। मतलब कुल मिलाकर प्रदेश की जेलों में 78008 कैदियों और अल्प-व्यस्क को ही रखने की व्यवस्था है। इसके विपरीत RTI से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेशभर की जेलों में 80326 दोष-सिद्ध और विचाराधीन बंदी-कैदी हैं।
एक साल का रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश के कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा के अधिकारियों से हुए पत्राचार और RTI के माध्यम से मेरठ के छात्र नेता विनीत चपराना को ये जानकारी प्राप्त हुई। आरटीआई में 1 जनवरी, 2025 से लेकर 31 दिसंबर, 2025 के बीच प्रदेश की जेलों में कैदियों की हुई मौत और आत्महत्या को लेकर जानकारी मांगी गई थी। इसके अलावा प्रदेशभर की जेलों में वर्तमान में कैदियों-बंदियों का रिकार्ड भी मांगा गया था।
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इसमें पूछा गया था कि प्रदेश की जेलों में कितने पुरुष-महिला बंदी हैं और कितने बच्चों उनकी मां के जेल जाने के कारण जेल में रहना पड़ा। वर्तमान में 944 दोष-सिद्ध महिला कैदी प्रदेशभर में हैं। 2,124 महिला बंदियों का ट्रायल चल रहा है। जेल में इन महिलाओं के साथ इनके बच्चे भी हैं। कुल 261 बच्चे मौजूदा समय में इन महिला कैदियों के साथ जेलों में बंद हैं।
419 कैदियों की मौत
छात्र द्वारा की गई RTI में मांगी गई जानकारी में कई चौंकाने वाली बात सामने आई। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, साल 2025 में पूरे साल में प्रदेशभर की जेलों में 419 बंदियों-कैदियों की अलग-अलग कारणों से मौत हुई। इसमें से कुछ की मौत बीमारी के कारण हुई, जबकि कुछ मौतें आपसी टकराव की वजह से भी हुईं।
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इसके अलावा 19 बंदियों ने जेल में ही सुसाइड किया। ये जानकारी बाहर आने के बाद प्रदेश की जेलों में बंदियों-कैदियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विदेशी कैदी भी शामिल
रिकॉर्ड के अनुसार उत्तर प्रदेश की जेलों में 371 विचाराधीन विदेशी बंदी और 61 कैदी भी हैं। इसमें मथुरा की जेल में 65 विदेशी बंदी और केंद्रीय कारागारों में 34 विदेशी बंदी हैं। लखनऊ में 67, कानपुर में 13 लखीमपुर खीरी में दस, मेरठ में तीन, वाराणसी में पांच, गौतमबुद्धनगर में 30, महाराजगंज में 22 और सिद्धार्थनगर में 20 विदेशी बंदी हैं। इनमें से कुछ पर आतंकी गतिविधी में शामिल होने के आरोप हैं।
