

Vietnam President India Visit: वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। राष्ट्रपति का यह दौरा 5-7 मई तक होगा। दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया से हुई। इसके बाद दिल्ली जाएंगे। विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति 5 मई को सुबह 11:10 बजे गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। राष्ट्रपति लाम ने यहां महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की फिर पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान लगाया।
वियतनाम के राष्ट्रपति का भारत दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक और रक्षा सहयोग की दिशा में अहम माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति लाम दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा करेंगे।
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का स्वागत बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किया। गया जी हवाईअड्डे पहुंचते ही सबसे पहले उन्होंने यूनेस्को विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में दर्शन किए। उसके बाद वियतनामी मठ का दौरा किया। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राष्ट्रपति लाम का यह ऐतिहासिक दौरा दोनों देशों के संबंध को और मजबूती प्रदान करेगा। इसके बाद राष्ट्रपति तो लाम दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रपति लाम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। साथ ही वे भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद तो लाम का यह पहला भारत दौरा है।
6 मई यानी आज सुबह 9 बजे राष्ट्रपति लाम का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वो राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने जाएंगे। इसके बाद करीब 11:30 बजे हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी अहम बैठक है। बैठक में हुए समझौतों का एमओयू का आदान-प्रदान होगा। इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी साझा की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति लाम के भारत दौरे में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने को लेकर विशेष चर्चा हो सकती है। इसमें भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की संभावित खरीद का मुद्दा भी शामिल है। इस सौदे की अनुमानित कीमत लगभग 60 अरब रुपये तक हो सकती है। इसमें प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सहायता भी शामिल हैं।
बता दें कि इससे पहले भारत अपने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रम्होस, फिलीपीन्स को बेच चुका है। साथ इंडोनेशिया के साथ ब्रम्होस खरीद को लेकर समझौता किया जा चुका है। वियतनाम के साथ रक्षा क्षेत्र में होने वाला संभावित समझौता भारत की रक्षा निर्यात नीति को और मजबूती देगा। इससे भारत के रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से विश्व में भारत के हथियारों की मांग तेजी से बढ़ी है।