दरोगा के पैर पर चढ़ाई गाड़ी…पूर्व मंत्री के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन का उग्र तांडव, हापुड़ में काटा बवाल
Farmer Protest Hapur: पूर्व मंत्री मदन चौहान की टिप्पणी पर भड़का भारतीय किसान यूनियन। हापुड़ में भारी हंगामा, पुलिस से झड़प और तोड़फोड़ के बाद कई जिलों में हाई अलर्ट जारी।
- Written By: सजल रघुवंशी
हापुड़ में बवाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Madan Chauhan Controversial Statement: पूर्व मंत्री मदन चौहान द्वारा किसान नेताओं पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी ने विवाद को जन्म दे दिया है। दरअसल, कुछ दिन पहले बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव चितौड़ा में एक ढाबे के उद्घाटन समारोह के दौरान यह विवाद शुरू हुआ। कार्यक्रम में ठाकुर भानु प्रताप सिंह भी मौजूद थे। बयानबाजी के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इसके बाद से ही किसान संगठन में नाराजगी बढ़ती चली गई। इस विवाद के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने पूर्व मंत्री के आवास का घेराव करने का ऐलान किया। शुक्रवार को हापुड़ की ओर कूच करते हुए कई जिलों से सैकड़ों कार्यकर्ता गाड़ियों के काफिले के साथ निकल पड़े। प्रशासन ने हालात को देखते हुए जगह-जगह बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित किसानों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया। आंदोलन धीरे-धीरे उग्र रूप लेने लगा।
हाथरस और अलीगढ़ में टकराव
हाथरस में प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। यहां भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। आरोप है कि एक कार्यकर्ता ने गाड़ी दरोगा के पैर पर चढ़ा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। वहीं अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा पर भी कार्यकर्ताओं को रोका गया, जहां भारी हंगामा हुआ और सैकड़ों कार्यकर्ता जबरन बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए।
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कई जिलों में हाई अलर्ट
स्थिति को बिगड़ता देख हापुड़, बुलंदशहर और आसपास के जिलों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गढ़मुक्तेश्वर में पूर्व मंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। टकराव की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस और अतिरिक्त फोर्स मौके पर बुलाई गई है। प्रशासन लगातार स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन आंदोलन की तीव्रता चिंता का विषय बनी हुई है।
सोशल मीडिया से सड़कों तक पहुंचा विवाद
यह पूरा मामला पहले सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ और अब सड़कों पर उग्र प्रदर्शन में बदल चुका है। ढाबे के उद्घाटन के दौरान दिए गए बयानों ने राजनीतिक रंग ले लिया है। एक ओर पूर्व मंत्री ने अपने आवास पर हवन-पूजन की बात कही है, वहीं दूसरी ओर किसान संगठन के कार्यकर्ता इसे सम्मान का मुद्दा बनाकर बड़े आंदोलन में बदल चुके हैं। कई जिलों से किसान नेताओं के गढ़मुक्तेश्वर पहुंचने की खबरों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
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विवाद ने लिया आंदोलन का रूप
पूर्व मंत्री और किसान संगठन के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है। जिस तरह से प्रदर्शन उग्र हो रहे हैं और पुलिस के साथ टकराव की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बातचीत ही इस तनाव को कम करने का एकमात्र रास्ता हो सकता है।
