

UP Congress Chief Ajay Rai FIR Mahoba: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित टिप्पणी मामले में उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। यह FIR महोबा कोतवाली में दर्ज हुआ है। बता दें कांग्रेस नेता अजय राय ने महोबा में अपने समर्थकों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के लिए गलत शब्दों का प्रयोग किया था। अजय राय के बयान पर देशभर में भाजपा नेताओं ने कड़ी निंदा की थी।
भाजपा नेता एडवोकेट नीरज रावत ने महोबा कोतवाली में अजय राय के खिलाफ पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर कार्रवाई करते हुए महोबा कोतवाली पुलिस ने अजय राय और निवर्तमान सचिव बृजराज समेत कुल 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
शिकायतकर्ता ने कहा, एक सामाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ता होने के कारण मैं अपने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करता हूं। शुक्रवार को जनपद महोबा के निवर्तमान कांग्रेस सचिव बृजराज ने बिना प्रशासनिक अनुमति के आयोजित कार्यक्रम में अजय राय को निमंत्रित किया था। कार्यक्रम में अजय राय 15-16 गाड़ियों के काफिले और 25-30 समर्थकों के साथ समद नगर मोहल्ले में पहुंचे। अजय राय का काफिला सड़क पर खड़ा था, जिससे आम जनता के लिए रास्ता रुक गया।
भाजपा नेता ने अपने शिकायत पत्र में लिखा, आमजन के आवागमन को सुचारू रूप से चलाने के लिए और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सरकारी अधिकारी को अपनी ड्यूटी छोड़कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना पड़ा। इस दौरान, अजय राय ने प्रधानमंत्री मोदी पर अश्लील और अभद्र टिप्पणी की, जो एक आपराधिक कृत्य है। इसका वीडियो भी वायरल है।
अजय राय के कृत्य से समाज में जातिगत विद्वेष उत्पन्न हुआ और आम जनमानस में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो हुई। वीडियो के कारण जनपद महोबा के निवासी व भाजपा के कार्यकर्ता काफी आक्रोशित हैं। आमजन की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है।
भाजपा नेता ने मांग की कि अजय राय और बृजराज अहिरवार समेत 25-30 अज्ञात सहयोगी व समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, शिकायत के आधार पर महोबा पुलिस ने अजय राय और उनके समर्थकों पर मुकदमा दर्ज किया है।
उत्तर प्रदेश के महोबा में दौरे के दौरान कार में बैठने से पहले कांग्रेस नेता अजय राय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में वे कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सुने गए। इसके बाद पूरे प्रदेश में उनका विरोध शुरू हो गया।