Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

राम मंदिर भूमि विवाद पर नया खुलासा, फैसला रुकवाने को लेकर किसने की थी कोशिश, अब जाकर सच आया सामने

Ram Mandir को लेकर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद की सुनवाई के समय वकीलों ने फैसले में देरी करने की कोशिश की थी।

  • By प्रिया सिंह
Updated On: Nov 08, 2025 | 07:08 PM

राम मंदिर अयोध्या, सोर्स - सोशल मीडिया

Follow Us
Close
Follow Us:

Ram Mandir Land Dispute: रामजन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य अयोध्या में जारी है। लेकिन इसी बीच राममंदिर और बाबरी मस्जिद भूमि को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। यह खुलासा मंदिर भूमि विवाद पर फैसला आने के 6 साल बाद आया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार को एक समारोह के दौरान ये खुलासा किया कि राममंदिर-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर फैसला आने में देरी हो वकीलों ने ऐसे प्रयास किये थे।

एक इवेंट के दौरान कही ये बात

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक पुस्तक विमोचन ‘केस फॉर राम- द अनटोल्ड स्टोरी’ के दौरान यह बात कही। जिसके बाद एक बार फिर से राम मंदिर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

राममंदिर के ऐतिहासिक फैसले को टालने की कोशिश

साल 2019 में आये राममंदिर के ऐतिहासिक फैसले के दौरान उस समय के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 5 न्यायाधीशों की पीठ ने अयोध्या में विवादित ढांचे की जमीन पर मंदिर बनाने की अनुमति दे दी थी। मंदिर के निर्माण के लिए 2.77 एकड़ की जमीन देने का फैसला किया गया था। साथ ही मस्जिद के लिए अलग जगह पर 5 एकड़ की जमीन आवंटित की थी।
जनरल मेहता ने कहा कि, इस फैसले को कभी परोक्ष रूप से तो कभी स्पष्ट रूप से प्रयास किये गये की फैसला न आने पाए।

वकीलों ने किया था बहिष्कार

जनरल मेहता ने कहा कि, इस घटना ने मेरे मन पर बहुत ही गलत प्रभाव डाला था। इस दौरान जब रुकावट डालने की कोशिश नाकाम की गई तब दो मशहूर वकीलों ने कोर्ट का बहिष्कार किया था। उन्होंने इस मामले को लेकर यह भी कहा कि इस तरह का बहिष्कार सिर्फ संसद में देखा था लेकिन ये रामजन्मभूमि केस में भी हुआ।

यह भी पढ़ें: सदियों का इंतजार खत्म! अयोध्या में मंदिर निर्माण संपूर्ण, PM मोदी 25 नवंबर को फहराएंगे ‘धर्म ध्वजा’

राम मंदिर पर आया फैसला चल है कार्य

इन सबके बावजूद भी मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में साल 2019 में विवादित भूमि पर मंदिर बनने का फैसला आया। इसके बाद मस्जिद के लिए भी अलग से 5 एकड़ की जमीन आवंटित की गई थी। इसके बाद राममंदिर का उद्घाटन समारोह 22 जनवरी 2024 को बड़े ही धूम-धाम और व्यापक स्तर पर किया गया था।

Tushar mehta revelation on ram mandir babri case lawyers had boycotted it

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Nov 08, 2025 | 03:19 PM

Topics:  

  • Ayodhya
  • Ayodhya Ram Mandir
  • Uttar Pradesh

सम्बंधित ख़बरें

1

सेंगर की रिहाई के पीछे की असली वजह, क्या हैं वो दलीलें जिन्हें कोर्ट ने जमानत का आधार माना?

2

बागपत में खाप पंचायत का बड़ा फरमान: लड़कों के हाफ पैंट पहनने और स्मार्टफोन रखने पर लगाई पाबंदी

3

यूपी में ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर इतनी सियासत क्यों? जानें कितना असरदार है यह समाज

4

नमो भारत ट्रेन में कॉलेज स्‍टूडेंट्स की गंदी हरकत का दूसरा वीडियो वायरल, छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2025 All rights reserved.