वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर प्रस्ताव को मिली मंजूरी, भाजपा ने किया समर्थन; कांग्रेसी करते रहे विरोध
मथुरा-वृंदावन नगर निगम में ऐतिहासिक ठाकुर बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर का प्रस्ताव पारित हो गया है। यह कॉरिडोर 5 एकड़ में बनेगा। यह प्रस्ताव भाजपा के समर्थन में पास हुआ है, जबकि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी विरोध में थे।
- Written By: Saurabh Pal
बांके बिहारी मंदिर (फोटो-सोशल मीडिया)
मथुराः मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने राज्य सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप वृंदावन में ऐतिहासिक ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के चारों ओर लगभग पांच एकड़ में कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव पारित किया है। मथुरा-वृन्दावन नगर निगम की बैठक में सोमवार को वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के आसपास करीब पांच एकड़ के दायरे में कॉरिडोर बनाए जाने का प्रस्ताव भारी हंगामे के बीच पारित हो गया।
भाजपा से जुडे़ पार्षदों ने सरकार की योजना का समर्थन किया, जबकि विपक्षी पार्षद विरोध दर्ज कराते रहे। बैठक में महापौर विनोद अग्रवाल, नगर आयुक्त जगप्रवेश समेत सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। महापौर अग्रवाल ने कहा कि बिहारी जी के दर्शन के लिए हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार कॉरिडोर का निर्माण कराना चाहती है।
भाजपा ने किया समर्थन, विरोध रहे कांग्रेसी
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महापौर की इस बात पर भाजपा व सहयोगी पार्षद तो ‘बांके बिहारी लाल की जय’ के जयकारे लगाने लगे, जबकि बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र से कांग्रेस पार्षद घनश्याम चौधरी ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि कॉरिडोर निर्माण से वृंदावन की कुंज गलियों का प्राचीन स्वरूप एवं संस्कृति नष्ट हो जाएगी, साथ ही सैकड़ों लोग प्रभावित होंगे।
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समाज की जरूरतों के हिसाब से होगा कॉरिडोर का निर्माण
इस मौके पर महापौर ने मंदिर के सेवायतों की आवासीय आशंकाओं को निर्मूल बताते हुए सरकार द्वारा सभी का पुनर्वास कराए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर का निर्माण गोस्वामी समाज की मांगों के अनुरूप ही कराया जाएगा और सरकार सेवायत गोस्वामियों, क्षेत्रीय निवासियों तथा व्यापारियों आदि में से किसी का भी अहित नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि सभी की सहमति से ही कॉरिडोर की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बता दें कि इस कॉरिडोर के निर्माण से आने वाले समय मंदिर में लगने वाली अत्याधिक भीड़ से छुटकारा मिल जाएगा। मंदिर परिसर में भीड़ ज्यादा होने से हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
